नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित सर छोटू राम अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (SCRIET) में तीन दिवसीय पायथन वर्कशॉप का समापन उत्साह के साथ हुआ। कार्यशाला में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और सीखने की ललक देखने को मिली। कार्यक्रम कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के मार्गदर्शन व डीन टेक्नोलॉजी प्रो. आर.के. सोनी के निर्देशन में आयोजित किया गया।
आईटी विभाग और छात्र-निर्मित कोडिंग क्लब Code.SCRIET के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस वर्कशॉप के अंतिम दिन उन्नत विषयों पर विशेष फोकस रहा। पीयर ट्रेनर यदी चौधरी ने ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग (OOP) और सिस्टम एप्रोच को आसान उदाहरणों के जरिए समझाया। उन्होंने बताया कि पाइथन भाषा का विकास कैसे हुआ और आज के समय में इसकी उपयोगिता क्यों तेजी से बढ़ी है। यदी चौधरी ने कहा कि पाइथन अपनी सरल संरचना और व्यापक उपयोग के कारण आईटी इंडस्ट्री की प्रमुख भाषा बन चुकी है। मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में इसका तेजी से उपयोग बढ़ रहा है। पांडा (Pandas) और पायटॉर्च (PyTorch) जैसी लाइब्रेरी के माध्यम से जटिल डेटा का विश्लेषण आसान हो जाता है।डीन टेक्नोलॉजी प्रो. आर.के. सोनी ने कहा कि वर्तमान दौर में पाइथन जैसी भाषाओं का ज्ञान छात्रों के लिए रोजगार के नए अवसर खोलता है।
निदेशक प्रो. नीरज सिंघल ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं छात्रों को नई तकनीकों से जोड़ने और उन्हें उद्योग के अनुरूप तैयार करने में सहायक होती हैं। कार्यक्रम के संयोजक इंजीनियर प्रवीण पंवार ने बताया कि छात्रों का उत्साह इस वर्कशॉप की सफलता का मुख्य आधार रहा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। तीन दिवसीय इस वर्कशॉप में छात्रों ने न केवल पाइथन के बेसिक्स और एडवांस टॉपिक्स को समझा, बल्कि प्रोजेक्ट वर्क और प्रेजेंटेशन के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव भी हासिल किया। कार्यक्रम का समापन सफलतापूर्वक हुआ।

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