मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित सर छोटू राम अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (SCRIET) में आयोजित तीन दिवसीय “पायथन वर्कशॉप” के दूसरे दिन शुक्रवार को विद्यार्थियों में विशेष उत्साह और जिज्ञासा देखने को मिली। कार्यशाला का आयोजन कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के मार्गदर्शन एवं डीन टेक्नोलॉजी प्रो. आर.के. सोनी व निदेशक डा नीरज सिंघल के निर्देशन में किया जा रहा है।
आईटी विभाग एवं छात्र-निर्मित कोडिंग क्लब Code.Scriet के संयुक्त तत्वावधान में संचालित इस कार्यशाला के दूसरे दिन पाइथन प्रोग्रामिंग के बेसिक्स को और अधिक गहराई से समझाते हुए उसके वास्तविक औद्योगिक (इंडस्ट्रियल) उपयोगों पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को यह बताया गया कि वर्तमान समय में आईटी सेक्टर में पाइथन का उपयोग किन-किन क्षेत्रों में किया जा रहा है और किस प्रकार यह भाषा करियर निर्माण में सहायक सिद्ध हो सकती है। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर एक्सपर्ट पैनल के सदस्य प्रिंस गुप्ता, यदी चौधरी एवं लक्ष्य पांडे द्वारा सरल और व्यावहारिक तरीके से दिया गया।
प्रमुख प्रश्न एवं उनके उत्तर इस प्रकार रहे—
प्रश्न–उत्तर सत्र (विद्यार्थियों की जिज्ञासाएं):
प्रश्न: पाइथन सीखने की शुरुआत कैसे करें?
उत्तर: बेसिक्स से शुरुआत करें—सिंटैक्स, वेरिएबल्स, कंडीशंस और लूप्स को समझें, फिर छोटे प्रोजेक्ट बनाएं।
प्रश्न: पाइथन का वास्तविक इंडस्ट्री में कहां उपयोग होता है?
उत्तर: वेब डेवलपमेंट, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, ऑटोमेशन, साइबर सिक्योरिटी आदि में इसका व्यापक उपयोग होता है।
प्रश्न: पाइथन इतनी पॉपुलर क्यों है?
उत्तर: इसकी सिंटैक्स सरल है, सीखना आसान है और इसके विशाल लाइब्रेरी सपोर्ट के कारण यह तेजी से लोकप्रिय हुई है।
प्रश्न: क्या पाइथन से नौकरी मिल सकती है?
उत्तर: हां, यदि आप पाइथन के साथ किसी एक डोमेन (जैसे डेटा साइंस या वेब डेवलपमेंट) में स्किल विकसित करते हैं तो अच्छे अवसर मिलते हैं।
प्रश्न: लॉजिक बिल्डिंग क्यों जरूरी है?
उत्तर: कोडिंग केवल सिंटैक्स नहीं है, बल्कि समस्या को हल करने की क्षमता (प्रॉब्लम सॉल्विंग) सबसे महत्वपूर्ण है।
प्रश्न: फ्रेशर्स को कौन से प्रोजेक्ट बनाने चाहिए?
उत्तर: छोटे-छोटे प्रोजेक्ट जैसे कैल्कुलेटर, टू-डू ऐप, डेटा एनालिसिस मिनी प्रोजेक्ट आदि से शुरुआत करें।
प्रश्न: क्या बिना मैथ्स के पाइथन सीख सकते हैं?
उत्तर: बेसिक प्रोग्रामिंग के लिए ज्यादा मैथ्स जरूरी नहीं, लेकिन डेटा साइंस और एआई के लिए बेसिक मैथ्स मददगार होता है।
प्रश्न: पाइथन का भविष्य क्या है?
उत्तर: एआई, मशीन लर्निंग और ऑटोमेशन के बढ़ते उपयोग के कारण पाइथन का भविष्य बहुत उज्ज्वल है।
प्रश्न: इंडस्ट्री में कौन-सी स्किल्स ज्यादा जरूरी हैं?
उत्तर: कोडिंग के साथ कम्युनिकेशन, टीमवर्क, और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।
प्रश्न: प्लेसमेंट के लिए क्या तैयारी करनी चाहिए?
उत्तर: डेटा स्ट्रक्चर, एल्गोरिद्म, प्रोजेक्ट्स और इंटरव्यू प्रैक्टिस पर विशेष ध्यान दें।
स्टूडेंट एक्सपर्ट यदी चौधरी, प्रिंस गुप्ता , गिरधारी एवं लक्ष्य पांडे ने विद्यार्थियों को न केवल तकनीकी ज्ञान प्रदान किया, बल्कि उन्हें इंडस्ट्री के वास्तविक अनुभवों से भी अवगत कराया। कार्यक्रम के संयोजक इंजीनियर प्रवीण पंवार ने बताया कि निरंतर अभ्यास और सही दिशा में प्रयास करने से आईटी सेक्टर में उत्कृष्ट करियर बनाया जा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के इंटरैक्टिव सत्र छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ते हैं।
दूसरे दिन का सत्र अत्यंत संवादात्मक और ज्ञानवर्धक रहा, जिसमें छात्रों ने न केवल पाइथन के तकनीकी पहलुओं को समझा, बल्कि अपने करियर से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों के समाधान भी प्राप्त किए। आगामी सत्रों में एडवांस टॉपिक्स, प्रोजेक्ट वर्क एवं प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रतिभागियों को और अधिक व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाएगा।
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