नित्य संदेश ब्यूरो
रोहटा। विकास खंड के गांव रसूलपुर मढ़ी में स्थित किसान इंटर कॉलेज के प्रबंधसमिति के चुनाव को लेकर गहराए गए विरोध के चलते जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार ने हाल ही में संपन्न हुए चुनाव को निरस्त कर दिया है। ओर पुनः नए सिरे से चुनाव प्रक्रिया करने के आदेश जारी कर दिए है।
बता दे कि एक सप्ताह पूर्व प्रबंध समिति के कुछ सदस्यों ने कॉलेज के गेट पर प्रदर्शन करते हु। चुनाव की प्रक्रिया को पूरी तरह से फर्जी होना का आरोप लगाया था। यह मुद्दा समाचार पत्रों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
प्रदर्शन कर रहे समिति के सदस्यों ने चेतावनी दी थी कि यदि अधिकारियों ने इस मामले में संज्ञान नहीं लिया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इन लोगों ने जिला विद्यालय निरीक्षक को प्रेषित एक शिकायत पत्र में चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठते हुए आरोप है कि वर्ष 2021 में हुए चुनाव प्रबंधक द्वारा प्रस्तावित नामों के आधार पर कराए गए थे, जबकि नियमानुसार प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि उस समय भी चुनाव में धांधली की शिकायतें की गई थीं, लेकिन चुनाव अधिकारी द्वारा उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। प्रबंधक द्वारा अपने कार्यकाल में कई अनियमितताएं की गईं, जिनकी जांच अभी भी विभिन्न स्तरों पर लंबित है। उन्होंने चुनाव प्रकिया को पूरी तरह से फर्जी बताया हैं।
वित्तीय गड़बड़ी के भी लगाए थे आरोप
शिकायत में बताया गया है कि पिछले 11 वर्षों में कृषि मद में करीब 17 लाख रुपये की आय हुई, लेकिन यह राशि कॉलेज खाते में जमा नहीं कराई गई। इसके अलावा छात्रों से पीटीए फंड के नाम पर हर वर्ष धनराशि लेने के बावजूद उसे भी खातों में जमा न करने का आरोप लगाया गया है।
प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी अनियमितता
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि अध्यापकों के स्थानांतरण, सेवानिवृत्ति, पदोन्नति और नियुक्ति (जॉइनिंग) जैसे मामलों में भी नियमानुसार हस्ताक्षर नहीं किए गए, जिससे कई निर्णयों की वैधता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
शिकायतकर्तओ ने जिला विद्यालय निरीक्षक से मांग की थी कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए और नियमानुसार वैध मतदाता सूची तैयार कर पुन सक्षम अधिकारी से चुनाव संपन्न कराया जाए। साथ ही, पूरे प्रकरण में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई थी। इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा जांच कि गई। जिसमें पाया गया कि प्रबंधक को चुनाव कि जानकारी देने के लिए मेरठ संस्करण के समाचार पत्रों में विज्ञापन देना चाहिए था। लेकिन प्रायोजित तरीके से विज्ञान दैनिक हिन्दुस्तान अखबार में दिल्ली संस्करण में प्रकाशित कराया गया। जिससे अन्य सदस्यों को चुनाव कि जानकारी नहीं मिल पाई। उन्होंने चुनाव प्रवेश्चक ओर चुनाव अधिकारी के द्वारा किए गए कृत्यों कि भी जांच करने के आदेश दिए।
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि चुनाव के फर्जीवाड़े में चुनाव अधिकारी और पर्यवेक्षक भी यदि जांच में दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्यवाही की जायेगी।

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