नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के 'लिबरल आर्ट्स एंड ह्यूमैनिटीज' विभाग द्वारा वर्तमान युग के अत्यंत प्रासंगिक विषय 'बौद्धिक संपदा अधिकार' (IPR) पर एक गरिमामयी अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को नवाचार की कानूनी सुरक्षा और उसके वैश्विक महत्व से रूबरू कराया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. निशा राणा ने अपने प्रभावशाली व्याख्यान में IPR के विविध पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पेटेंट, कॉपीराइट और ट्रेडमार्क जैसे तकनीकी विषयों को अत्यंत सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के साथ साझा किया। डॉ. निशा ने रेखांकित किया कि कैसे एक छोटा सा विचार या मौलिक कृति कानूनी सुरक्षा के जरिए एक बड़ी संपदा में तब्दील हो सकती है।विभागाध्यक्ष डॉ. तारक नाथ प्रसाद के कुशल मार्गदर्शन और डॉ. किरन रानी पंवार के सफल समन्वय में आयोजित इस सत्र में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रश्न-उत्तर सत्र के दौरान छात्रों ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया, जिससे कार्यक्रम पूरी तरह संवादात्मक बना रहा।
समन्वयक डॉ. किरन रानी पंवार ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक समय में IPR की जानकारी विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं बौद्धिक विकास के लिए अपरिहार्य है। उन्होंने मुख्य वक्ता डॉ. निशा राणा का आभार व्यक्त करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. तारक नाथ प्रसाद के निरंतर सहयोग के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की।
इस ज्ञानवर्धक सत्र के दौरान विभाग के प्राध्यापकगण और छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह देखा गया। इस अवसर पर डॉ. अमृता चौधरी, डॉ. मोहिनी मित्तल, श्री कपिल तथा डॉ. शालिनी सिंह सहित अन्य फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की सफलता में अपना योगदान दिया।

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