नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठः स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की विभिन्न इकाइयों द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु विविध कार्यक्रमों की श्रृंखला का सफल आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में महिला सशक्तिकरण, समान अधिकार और सम्मान के प्रति जन-चेतना को बढ़ावा देना रहा।
इस दौरान एनएसएस इकाई-1 एवं 2 द्वारा जागरूकता कार्यक्रम के तहत “अब नारी चुप नहीं रहेगी” शीर्षक से एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। स्वयंसेवकों ने अपने सशक्त अभिनय के माध्यम से लिंग भेद, सामाजिक अन्याय और महिलाओं के विरुद्ध हिंसा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। दर्शकों ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे जागरूकता फैलाने का प्रभावी माध्यम बताया। इसके अतिरिक्त इकाई-1 एवं 2 द्वारा पोस्टर निर्माण गतिविधि का भी आयोजन किया गया, जिसका संचालन कार्यक्रम अधिकारियों राम प्रकाश तिवारी एवं निशांत गौरव के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. अजीताभ दास उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में प्रो. डॉ. योगेंद्र पांडेय, प्रो. डॉ. ऋतेश चौधरी, प्रो. अशोक त्यागी (विभागाध्यक्ष, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग), डॉ. संतोष के. गौतम, डॉ. आशुतोष, डॉ. नेहा सिंह, डॉ. प्रीति सिंह तथा तरुण जैन शामिल रहे। इस दौरान स्वयंसेवकों ने आकर्षक पोस्टरों के माध्यम से महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समानता का संदेश प्रस्तुत किया।
एनएसएस इकाई-3 एवं 4 द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विशाल सिंह एवं लक्ष्मीकांत शर्मा के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान भाषण, चर्चा एवं जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से अधिनियम के महत्व पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने इसे महिलाओं को समान अधिकार, सुरक्षा एवं सामाजिक सम्मान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया। इसी क्रम में एनएसएस इकाई-3 एवं 4 द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें लगभग 300 विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। इस अभियान में एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारियों—राम प्रकाश तिवारी, निशांत गौरव, लक्ष्मीकांत शर्मा, डॉ. विशाल सिंह एवं डॉ. शौर्य तौलियान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शल्या राज ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं, एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अमित कुमार ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करते हैं। इन सभी गतिविधियों ने यह स्पष्ट किया कि आज की नारी सशक्त है, जागरूक है और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने को तैयार है। सुभारती विश्वविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी ने इन कार्यक्रमों को सफल एवं सार्थक बना दिया।
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