नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। “नारी शक्ति वंदन अभियान” के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ की महिला सशक्तिकरण समिति, जेंडर सेंसिटाइजेशन सेल तथा भाषा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में महिला सशक्तिकरण विषय पर एक प्रभावशाली जागरूकता सत्र का सफल आयोजन किया गया। यह पहल भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा उत्तर प्रदेश सरकार की महिला सशक्तिकरण एवं लैंगिक समानता की सोच के अनुरूप रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ महिला सशक्तिकरण समिति की सचिव डॉ. मंजू अधिकारी द्वारा महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 के परिचय से हुआ। उन्होंने इसे महिलाओं को सशक्त एवं राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। कार्यक्रम की संयोजक एवं महिला सशक्तिकरण समिति की सदस्य डॉ. रफ़त खानम ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं के अधिकार वास्तव में मानवाधिकार हैं। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय स्थापना काल से ही कल्याणकारी योजनाओं, जागरूकता अभियानों एवं रियायती सुविधाओं के माध्यम से महिला सशक्तिकरण हेतु निरंतर कार्यरत है। सत्र की प्रथम वक्ता डॉ. अफीफा अतीक, सहायक आचार्य, आर एंड डी सेल एवं शोध वैज्ञानिक, ने महिलाओं के सशक्तिकरण में बाधक सामाजिक संरचनात्मक चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने पुत्र-प्राथमिकता, बिना वेतन के घरेलू कार्यों का असमान बोझ तथा तलाक, उत्तराधिकार एवं अभिभावकत्व से जुड़े व्यक्तिगत कानूनों में असमानताओं जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा की।
द्वितीय वक्ता डॉ. उषा साहनी, प्राध्यापक, अंग्रेज़ी विभाग, शहीद मंगल पांडे राजकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मेरठ ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल विचार-विमर्श तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर क्रियान्वित होना चाहिए। उन्होंने बेटी और बेटे को समान अवसर देने तथा अधिकारों एवं कर्तव्यों के स्थान पर सहभागिता और सहयोग की भावना विकसित करने पर बल दिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की महिला गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने भी अपने जीवन अनुभव साझा किए तथा व्यावसायिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों के संतुलन की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। नर्सिंग कॉलेज एवं डिफेंस विभाग के विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी करते हुए महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन एवं प्रभावी मंच संचालन डॉ. रफ़त खानम, प्रभारी अंग्रेजी एवं विदेशी भाषाएं, भाषा विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम का सफल आयोजन महिला सशक्तिकरण समिति की अध्यक्षा डॉ. अंशुल त्रिवेदी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। समापन अवसर पर डॉ. सारिका अभय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मुख्य वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया तथा विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) पी. के. शर्मा एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) शल्या राज के सतत मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर डॉ. निशा सिंह, डॉ. राखी झा, डॉ. स्वर्णिमा तिवारी, हिमानी सिंह, दिव्या, संजीव, दीपांशु चौधरी, सोनी, भावना, अमिता, ईशा, फरहा, अनुराग सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 60 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। प्रतिभागियों ने वक्ताओं के विचारों, व्यावहारिक अनुभवों तथा सार्थक चर्चाओं की सराहना करते हुए इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं विचारोत्तेजक बताया। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ।

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