उभरती प्रतिभाएं: सगी बहनें हैं नौ साल की अद्रिका और सात साल की अन्विका
हेमेंद्र बंसल
नित्य संदेश, नई दिल्ली/गाजियाबाद। दिल्ली में नेवी के तत्वावधान में आयोजित पीएनबी सोलजराथन रन में अद्रिका बंसल ( 9 वर्ष) और अन्विका बंसल ( 7 वर्ष) ने 10.5 किलोमीटर दौड़कर अपने अद्भुत साहस और संकल्प का प्रदर्शन किया। रविवार 5 मार्च 2026 को दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में हुई यह दौड़ सफलतापूर्वक पूरी कर दोनों बहनों ने मेडल अर्जित किये। इस दौड़ के प्रतिभागियों में दोनों बहनें सबसे कम उम्र की हैं।
दौड़ के दौरान धावकों व दर्शकों ने बच्चियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके जज्बे की सरहना की। अद्रिका भूलवश 21 किलोमीटर दौड़ गई, लेकिन उसने अन्विका से मात्र करीब पांच मिनट अधिक समय लेकर दौड़ पूरी कर ली। यानी उसके दौड़ने की गति छोटी बहन से लगभग दो गुना रही। हालांकि रजिस्ट्रेशन दस किमी दौड़ के लिए होने के चलते उसे उसी श्रेणी में मानकर मेडल दिया गया। अद्रिका और अन्विका इससे पहले भी 10 अप्रैल 2025 को दिल्ली में आयोजित पीएनबी हाफ मैराथन में 10 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर चुकी हैं। तब उन्होंने यह दूरी 2 घंटे 12 मिनट में तय की थी। उसके बाद 20 अप्रैल 2025 को दिल्ली के धौला कुआं में सेना की ओर से शहीद सैनिकों की याद में आयोजित "सोल्जराथन" में अद्रिका (8 वर्ष) ने 1 घंटे 20 मिनट 31 सेकेंड और अन्विका (6 वर्ष) ने 1 घंटे 21 मिनट 11 सेकेंड में फिनिश लाइन पार कर अपने पिछले समय में शानदार सुधार किया।
गाजियाबाद के कस्बा लोनी के शर्मा एनक्लेव, आर्य नगर निवासी एडवोकेट अंकित बंसल की ये बेटियां पिता के साथ प्रैक्टिस करती हैं। अंकित बंसल नेशनल शूटर और इंटरनेशनल शूंटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन (आईएसएसएफ) प्रमाणित सी लाइसेंस होल्डर शूटिंग कोच व नेशनल राइफल एसोसिएशन से ट्रेंड नेशनल ज्यूरी भी हैं। आत्मविश्वास से भरी अद्रिका और अन्विका की यह उपलब्धि उनके परिवार व पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। इन बहनों का छोटा भाई प्रत्यक्ष कीर्ति वर्धन भी दो साल की उम्र में तीन किलोमीटर दौड़कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुका है। प्रत्यक्ष कीर्ति वर्धन ने "से नो टू ड्रग्स, से यस टू फिटनेस" का संदेश देने के लिए दिल्ली के द्वारका में 18 संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में "द्वारका 10के रन दिल्ली" में दौड़कर यह उपलब्धि हासिल की। यह दौड़ 27 अप्रैल 2025 को हुई थी।
खेलों के प्रति इन बच्चों के लगाव का पारिवारिक आधार भी है। अद्रिका, अन्विका और प्रत्यक्ष कीर्ति वर्धन की बुआ आकांक्षा बंसल अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटर हैं। उनके सम्मान में पांच वर्ष पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने लोनी क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग) पर मंडोला से गोठरा गांव तक एक सड़क का निर्माण किया है। इस सड़क के शिलान्यास पट्ट पर आकांक्षा बंसल और उनके पिता हेमेंद्र बंसल का नाम भी लिखा गया।

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