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Monday, April 27, 2026

ड्रिंक टेक्नोलॉजी दिल्ली और आईफैट दिल्ली 2026 का शुभारंभ, पानी और सस्टेनेबिलिटी पर खास फोकस

नित्य संदेश ब्यूरो

नोएडा। ड्रिंक टेक्नोलॉजी दिल्ली (ड्रिंकटेक इंडिया द्वारा संचालित) के साथ आईफैट दिल्ली के पहले संस्करण की शुरुआत यह दिखाती है कि उद्योगों में एक बड़ा बदलाव आ रहा है। अब सस्टेनेबिलिटी (पर्यावरणीय संतुलन) कोई अलग विषय नहीं रह गया हैबल्कि यह बिज़नेस के मुख्य फैसलों का हिस्सा बनता जा रहा है।


भारत मंडपम में आयोजित इन दोनों कार्यक्रमों में पेय पदार्थ निर्माण और पर्यावरण तकनीकों को एक साथ एक मंच पर लाया गया है। यह एक साथ आना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कोल्ड ड्रिंकबोतलबंद पानीजूसडेयरी और अल्कोहल जैसे क्षेत्रों की कंपनियों पर अब संसाधनों के बेहतर उपयोगउत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने और बदलते नियमों के अनुसार काम करने का दबाव बढ़ रहा है।


मंगलवार को आवर पावरआवर प्लैनेट थीम के तहत उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गयाजिसमें सरकारउद्योग और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कई प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्य सरकारी और संस्थागत प्रतिनिधियों में राजीव रंजन मिश्रा (पूर्व महानिदेशकराष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन)डॉ. सबिता माधवी सिंह (जल शक्ति मंत्रालय) और वी. के. चौरसिया (आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय) शामिल रहे। अंतरराष्ट्रीय संगठनों की ओर से क्रिश्चियन कापफेनस्टाइनर (GIZ) और सुश्री डिकहॉफ (जलवायु एवं पर्यावरण विभाग) उपस्थित रहीं। शोध और संस्थागत क्षेत्र से डॉ. अजीत सालवीडॉ. सतबीर सिंह कादियान और नितिन बासी ने भाग लिया। उद्योग और आयोजकों की ओर से सी. के. जयपुरियाडॉ. गुनवीना चड्ढाहरंजन सिंहआशीष जैनरॉबिन फर्नांडीस और रूबी माखिजा मौजूद रहे। इन सभी की मौजूदगी यह दिखाती है कि अब नीतिबुनियादी ढांचे और उद्योग के बीच सस्टेनेबिलिटी और संसाधन प्रबंधन को लेकर बेहतर तालमेल बन रहा है।


पेय पदार्थ और तरल खाद्य कंपनियों के लिए यह बदलाव अब कामकाज के स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। पानी के साथ-साथ अब ऊर्जा उपयोगकार्बन उत्सर्जनपैकेजिंग और उत्पादन की दक्षता पर भी ध्यान दिया जा रहा है। खासकर बड़े स्तर पर उत्पादन करने वाली कंपनियां अब कार्बोनेशनकूलिंग और तेज़ फिलिंग जैसी प्रक्रियाओं को अधिक कुशल बनाने के साथ-साथ रीसाइक्लिंग और पैकेजिंग पर भी काम कर रही हैं।


ड्रिंक टेक्नोलॉजी दिल्ली के प्रदर्शनी क्षेत्र में प्रोसेसिंगकार्बोनेशन सिस्टमफिलिंग लाइनपैकेजिंग इनोवेशन और क्वालिटी कंट्रोल जैसी तकनीकों को प्रदर्शित किया जा रहा है। वहींआईफैट दिल्ली में पानी और अपशिष्ट जल प्रबंधनठोस कचरा प्रबंधनरीसाइक्लिंग और संसाधनों के पुनः उपयोग पर फोकस किया गया है। दोनों मंच मिलकर कंपनियों को यह समझने का अवसर दे रहे हैं कि वे अपने उत्पादनपर्यावरण तकनीकों और पैकेजिंग को कैसे बेहतर बनाकर प्रभाव को कम कर सकती हैं और दक्षता बढ़ा सकती हैं।

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