नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्था PsyHeal – A Place of Acceptance द्वारा आभा मानव मंदिर वरिष्ठ नागरिक सेवा सदन में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था की फाउंडर बर्खा शर्मा अपनी टीम के साथ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की संयोजक समाजसेविका हिमांशी राणा प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मुख्य सूत्रधार के रूप व बुजुर्गों के लिए आदर की भावना रखने वाली हिमांशी प्रधान ने सभी को एकजुट करके वृद्धाश्रम में होली कार्यक्रम करने के लिए प्रेरित किया। इस पहल को “जीवन की राहें” नाम दिया गया, जिसका उद्देश्य बुज़ुर्गों को सीख देना नहीं बल्कि उनके जीवन अनुभवों को समझना और उनसे प्रेरणा लेना था। कार्यक्रम के दौरान बुज़ुर्गों के साथ होली का उत्सव मनाया गया, गीत गाए गए और आत्मीय संवाद किया गया।
टीम ने वरिष्ठ नागरिकों के जीवन संघर्ष, उपलब्धियों और अनुभवों को ध्यानपूर्वक सुना। इस दौरान भावनात्मक जुड़ाव और सम्मान का वातावरण देखने को मिला। बुज़ुर्गों ने भी अपने विचार साझा करते हुए इस पहल की सराहना की। आयोजकों का मानना है कि समाज में पीढ़ियों के बीच संवाद और संवेदनशीलता को बढ़ावा देना आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम न केवल बुज़ुर्गों को सम्मान देने का अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि युवाओं को जीवन की गहराई और अनुभवों से सीखने का भी मौका देते हैं। कार्यक्रम “जीवन की राहें” सामाजिक जुड़ाव और सकारात्मक पहल का एक सराहनीय उदाहरण बना।
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