नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ. सुभारती विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बहुप्रतीक्षित सांस्कृतिक उत्सव “मलंग: रंग दे सुभारती” का भव्य एवं उत्साहपूर्ण आयोजन विश्वविद्यालय परिसर में संपन्न हुआ. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के मध्य रचनात्मकता, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति, सामूहिक सहभागिता तथा उत्सवधर्मिता की भावना को प्रोत्साहित करना रहा. कार्यक्रम में विभिन्न आकर्षक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें मनोरंजक खेल, विविध खाद्य स्टॉल, रचनात्मक मर्चेंडाइज स्टॉल तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रमुख रहीं।
विद्यार्थियों ने नृत्य एवं अन्य मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए संपूर्ण वातावरण को उल्लास, ऊर्जा एवं रंगोत्सव की भावना से सराबोर कर दिया. उत्सव परिसर में स्थापित विविध स्टॉलों ने सहभागियों को मनोरंजन, सृजनात्मकता एवं स्वाद का अद्वितीय अनुभव प्रदान किया. कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय परिसर को जीवंतता, उत्साह एवं सामूहिक आनंद के रंगों से आलोकित कर दिया. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. डॉ. शल्या राज की गरिमामयी उपस्थिति रही. साथ ही डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. सरताज अहमद एवं अपर डीन डॉ. श्वेता भरद्वाज के मार्गदर्शन एवं सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
एनएसएस शिविर का हुआ भव्य समापन
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की एनएसएस इकाई 3 व 4 के सात दिवसीय विशेष दिन रात्रि शिविर का अंतिम दिन घाट गाँव में अपार उत्साह के साथ संपन्न हुआ. इकाई 3 समन्वयक लक्ष्मीकांत शर्मा व इकाई 4 समन्वयक डॉ. विशाल कुमार के निर्देशन में क्रमशः घाट एवं सोरखा में चले इस शिविर ने स्वयंसेवकों को ग्रामीण सेवा, पर्यावरण संरक्षण व जागरूकता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां दीं. समापन समारोह में दोनों इकाइयों के स्वयंसेवक, ग्रामीण व विश्वविद्यालय पदाधिकारी शामिल हुए.
स्वयंसेवकों ने देशभक्ति गीतों पर नृत्य, नुक्कड़ नाटक व स्किट्स से पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण व स्वच्छ भारत पर संदेश दिए। ग्रामीणों ने सफाई, स्वास्थ्य शिविर व वृक्षारोपण के कार्यों की तारीफ कर स्मृति चिन्ह भेंट किए. इस अवसर पर सुभारती नर्सिंग कॉलेज की डीन व प्रिंसिपल प्रो. डॉ. गीता परवंदा, फिजियोथेरेपी कॉलेज प्राचार्य डॉ. अमित गोयल, डॉ. कपिल व कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अमित कुमार आदि मौजूद रहे।
इस शिविर के सफल समापन के साथ विश्वविद्यालय लौटने पर विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. डॉ. शल्या राज ने एनएसएस के सभी स्वयंसेवकों एवं कार्यक्रम अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि एनएसएस के माध्यम से आपने जो सेवा भाव जागृत किया ह, वह राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। सात दिनों में आपने ग्रामीण जीवन को छुआ, पर्यावरण को बचाया और समाज को मजबूत बनाया. याद रखें, सच्ची सेवा तब होती है जब हम अपने आराम को त्यागकर दूसरों का कल्याण करें। सुभारती विश्वविद्यालय आप सभी पर गर्व करता है। आगे बढ़ें, और राष्ट्र को नई दिशा दें।
डॉ. अमित कुमार, कार्यक्रम समन्वयक एनएसएस प्रकोष्ठ ने कहा, कि यह शिविर सुभारती विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वविद्यालय प्रो. (डॉ.) शल्या राज व कुलपति प्रो. (डॉ) प्रमोद कुमार शर्मा के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन के कारण ही सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। यह शिविर हमारी एनएसएस इकाइयों की प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है। लक्ष्मीकांत शर्मा और डॉ. विशाल कुमार के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने न केवल शारीरिक श्रम किया, बल्कि हृदय से सेवा का संदेश फैलाया। ग्रामीणों की मुस्कान ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। मैं सभी को बधाई देता हूँ और संकल्प लेने का आह्वान करता हूँ कि हम प्रतिवर्ष ऐसे शिविरों को और विस्तार देंगे। समाज सेवा ही हमारा धर्म है—इसे कभी न भूलें। कार्यक्रम राष्ट्रगान व संकल्प के साथ समाप्त हुआ।


No comments:
Post a Comment