तरुण आहुजा
नित्य संदेश, मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में आवास विकास परिषद द्वारा ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा किए जाने से व्यापारियों में रोष और चिंता का माहौल है। इसी क्रम में एक महिला व्यापारी ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने अपने पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर करीब चालीस वर्षों की मेहनत से यहां रोज़ी-रोटी का साधन खड़ा किया।
महिला का कहना है कि जब उनकी मेहनत का फल मिलने का समय आया, तब आवास विकास परिषद की ओर से ध्वस्तीकरण का नोटिस लगा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सेंट्रल मार्केट समेत अन्य स्थानों पर निर्माण की शुरुआत हो रही थी, तब परिषद के अभियंताओं ने इसे रोकने की कार्रवाई क्यों नहीं की।
महिला ने आरोप लगाया कि उस समय संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं ने कार्रवाई करने के बजाय आंखें मूंदे रखीं और भ्रष्टाचार के चलते निर्माण होने दिया। अब वर्षों बाद व्यापारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जिससे उनका भविष्य संकट में पड़ गया है।
महिला ने भावुक होकर कहा कि अगर कार्रवाई करनी ही है तो पहले उन अधिकारियों पर होनी चाहिए जिन्होंने उस समय निर्माण होने दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी रोज़ी-रोटी उजाड़ी गई तो वे मजबूरी में कोई कड़ा कदम उठाने को बाध्य हो सकती हैं।
इस पूरे मामले को लेकर सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों में भी आक्रोश देखा जा रहा है और वे परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
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