नित्य संदेश ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत मंडपम में आयोजित AI Impact Summit भारत 2026 एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संगोष्ठी में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने “The Future of Work, Skills & Innovation in the AI Age” विषय पर बोलते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) केवल तकनीकी परिवर्तन नहीं, बल्कि कार्य-संस्कृति, कौशल विकास और नवाचार की पूरी संरचना को पुनर्परिभाषित करने वाली क्रांति है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में पारंपरिक नौकरियों का स्वरूप तेजी से बदलेगा और नई प्रकार की भूमिकाएं उभरेंगी, जिनमें डिजिटल साक्षरता, डेटा विश्लेषण, रचनात्मक सोच तथा समस्या-समाधान की क्षमता प्रमुख होंगी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं रह सकती। उच्च शिक्षा संस्थानों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रमों में बदलाव लाना होगा तथा विद्यार्थियों को बहु-विषयक (multidisciplinary) और कौशल-आधारित शिक्षा प्रदान करनी होगी। कुलपति महोदय ने सुझाव दिया कि इंटर्नशिप, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, अनुसंधान एवं नवाचार को शिक्षा प्रणाली का अभिन्न अंग बनाया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि AI के युग में मानव मूल्यों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। तकनीक के साथ नैतिकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और संवेदनशीलता का समन्वय आवश्यक है, ताकि नवाचार समाज के व्यापक हित में कार्य कर सके। कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ में चल रहे कौशल विकास कार्यक्रमों, नवाचार केंद्रों और स्टार्टअप प्रोत्साहन योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि संस्थान विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने हेतु प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे परिवर्तन से भयभीत न हों, बल्कि उसे अवसर के रूप में देखें और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति अपनाएं।
विश्वविद्यालय गूगल के साथ AI पर कर रहा है काम
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ बीते दिनों गूगल के साथ MOU कर चुका है। जिसके साथ मिलकर AI पर काम कर रहा है। गूगल से आई एक टीम द्वारा विश्वविद्यालय में AI पर क्या करेंगे कैसे करेंगे विश्वविद्यालय की इसमें क्या भूमिका होगी ऐसे सभी विषयों को लेकर एक प्रेजेंटेशन दे चुकी है। दिल्ली में शोध निदेशक प्रोफेसर बीरपाल सिंह प्रोफेसर बिंदु शर्मा, प्रोफेसर प्रदीप चौधरी, डॉक्टर जितेंद्र सिंह मौजूद रहे।
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