नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ: शोभित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी) के कम्प्यूटर क्लब द्वारा विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 19 फरवरी 2025 को “पीयर-टू-पीयर लर्निंग सेशन ऑन पाइथन” का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला विद्यार्थियों को प्रोग्रामिंग की मजबूत नींव प्रदान करने तथा उन्हें प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।
कार्यक्रम में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पूरे सत्र के दौरान विद्यार्थियों में सीखने की जिज्ञासा, सक्रिय भागीदारी तथा प्रायोगिक ज्ञान प्राप्त करने का उत्साह स्पष्ट रूप से देखने को मिला। इस कार्यशाला की विशेषता इसका पूर्णतः हैंड्स-ऑन और संवादात्मक स्वरूप रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने केवल पाइथन के मूलभूत सिद्धांत ही नहीं सीखे, बल्कि वास्तविक समय में प्रोजेक्ट निर्माण की प्रक्रिया को भी समझा। इस अवसर पर कम्प्यूटर क्लब के फैकल्टी इंचार्ज एवं स्कूल ऑफ कम्प्यूटेशनल साइंसेज़ एंड इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर श्री राजेश पांडे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रायोगिक एवं प्रोजेक्ट आधारित सत्र विद्यार्थियों को तकनीक का वास्तविक ज्ञान प्रदान करते हैं और उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, निर्माण करने तथा नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और कम्प्यूटर क्लब को विद्यार्थियों के कौशल विकास का एक सशक्त मंच बताया।
इस कार्यशाला के प्रशिक्षक आशीष कुमार रहे, जिन्होंने अपने व्यावहारिक अनुभव एवं सरल, चरणबद्ध शिक्षण शैली के माध्यम से विद्यार्थियों को पाइथन की मूलभूत अवधारणाओं, लॉजिक बिल्डिंग, ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग तथा मिनी प्रोजेक्ट्स पर प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान किया। उनके मार्गदर्शन में सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक, रोचक एवं सहभागितापूर्ण रहा। यह आयोजन कम्प्यूटर क्लब की नवगठित कोर टीम द्वारा सफलतापूर्वक संचालित किया गया, जिसमें आशा, करण, ईशा, हर्ष, राहुल, चिन्मय एवं अंशिका की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने सत्र की संपूर्ण रूपरेखा तैयार करने से लेकर पंजीकरण, संचालन एवं प्रायोगिक मार्गदर्शन तक सभी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संभाला।
पीयर-टू-पीयर लर्निंग मॉडल के माध्यम से वरिष्ठ एवं कनिष्ठ विद्यार्थियों के बीच एक सहयोगात्मक शिक्षण वातावरण तैयार हुआ, जिसने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें प्रोजेक्ट आधारित अधिगम की ओर प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने इस कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी, करियर उन्मुख एवं प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में ऐसे और सत्र आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की। कम्प्यूटर क्लब द्वारा आयोजित यह कार्यशाला विश्वविद्यालय में विकसित हो रही प्रोजेक्ट-आधारित तकनीकी संस्कृति को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई तथा विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, नवाचारी एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनने के लिए प्रेरित किया।

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