नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। कनोहर लाल स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में प्राचार्या प्रोफेसर किरण प्रदीप के संरक्षण में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा श्री राम सरस्वती शिशु मंदिर में चल रहे सात दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन महिला स्वास्थ्य जागरूकता थीम के अंतर्गत कार्यक्रम कराए गए। सर्वप्रथम स्वयंसेविकाओं कुमकुम, शगुन, दीपा, संजना आदि के द्वारा शिविर स्थल की साफ-सफाई की गई।इसके पश्चात तनु, लक्ष्मी, मानसी, पलक, मुस्कान, स्नेहा के द्वारा सभी को दैनिक प्रार्थना ,लक्ष्य गीत आदि कराया गया।
शिविर के छठे दिन महिला स्वास्थ्य जागरूकता के अंतर्गत कार्यक्रम कराए गए जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर छवि किरन गुप्ता (एमडी) प्रोफेसर, कम्युनिटी मेडिसिन, सुभारती, उपस्थित थी। उन्होंने स्वयंसेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं में माहवारी (पीरियड्स) एक सामान्य, प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है, जो 12-13 वर्ष की उम्र में शुरू होती है। इसमें गर्भाशय की परत टूटकर रक्त के रूप में निकलती है। स्वच्छता के लिए 4-6 घंटे में पैड बदलना, स्नान करना और पौष्टिक भोजन जरूरी है। भ्रांतियों (जैसे- गंदा खून, पूजा वर्जित) को छोड़कर सही वैज्ञानिक समझ अपनाना ही स्वास्थ्य व समानता के लिए अनिवार्य है। दैनिक जीवन में स्वच्छता और हाइजीन का पालन शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है। स्वयंसेविकाओं ने स्वास्थ्य समस्या संबंधी अनेक प्रश्न पूछे तथा उन्होंने जिज्ञासाओं का समाधान किया।इसके अतिरिक्त डॉ प्रज्ञा, (पीजी सेकंड ईयर, कम्युनिटी मेडिसिन) भी उपस्थित थी। उन्होंने भी महिला स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
इसी क्रम में डॉ शक्ति बंसल (स्त्री रोग विशेषज्ञ) भी उपस्थित थीं।उन्होंने स्वयंसेविकाओं को सर्वाइकल कैंसर एवं ब्रेस्ट कैंसर संबंधी अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां दी। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) गर्भाशय के निचले हिस्से (सर्विक्स) में कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि है, जो मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एच. पी. वी.) संक्रमण के कारण होता है।लेकिन एच.पी.वी. वैक्सीन और नियमित स्क्रीनिंग (पैप स्मीयर) से इसे रोका जा सकता है। इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) तब होता है जब स्तन की कोशिकाएं अनियंत्रित होकर बढ़ने लगती हैं और ट्यूमर बनाती हैं। यह महिलाओं में सबसे आम कैंसरों में से एक है।
हर महिला को महीने में एक बार स्वयं स्तन की जांच करनी चाहिए।
कार्यक्रम में सभी स्वयंसेविकाएं उपस्थित थी। आज का शिवहर दिवस स्वयं सेविकाओं के लिए बहुत ज्ञानवर्धक रहा। शिविर का संयोजन एवं संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डा० पूजा राय के द्वारा किया गया।* इसके सफल आयोजन में संजीव माहेश्वरी तथा सुरेश चंद्र प्रजापति का विशेष सहयोग रहा।

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