नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। मुजफ्फरनगर स्थित नुमाइश ग्राउंड में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) द्वारा एक भव्य एवं वृहद रोज़गार मेले का आयोजन किया गया। रोजगार मेले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं जयन्त चौधरी (राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार, कौशल विकास और उद्यमशीलताएवं शिक्षा राज्य मंत्री, भारत सरकार ) की उपस्थिति रही। मेले ने ‘रोजगार के महाकुंभ’ का रूप लिया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल भी शामिल हुए, जिन्होंने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए इस पहल को राज्य के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस अवसर पर जयन्त चौधरी ने अपने संबोधन में कहा, “यह रोजगार महाकुंभ केवल नौकरियां देने का मंच नहीं है, बल्कि यह हमारे युवाओं के सपनों को साकार करने का एक सशक्त माध्यम है। आज एक विशेष अवसर है। दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं और छात्रों को बड़े अवसर मिले हैं। हमारी सरकार का प्रयास है कि सभी को एक समान अवसर मिले। इस दिशा में कौशल महोत्सव एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। एग्रीकल्चर, ड्रोन और एआई के क्षेत्र में भी नवाचार लगातार बढ़ता जा रहा है। आज युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खुले हैं। आज विश्वविद्यालयों में पेटेंट फाइल हो रहे हैं। एक वर्ष में पेटेंट में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हमारा लक्ष्य है कि युवा केवल नौकरी पाने वाले न बनें, बल्कि स्किल्स, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के माध्यम से रोजगार सृजित करने वाले बनें। एआईऔर स्किलिंग के जरिए हम भारत को विश्व की स्किल कैपिटल बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने पूरे दमखम के साथ किसानों की बातों को सरकारों तक पहुँचाया है। यह मेरा सौभाग्य है कि आज चौधरी अजीत सिंह की पावन धरा पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा का अनावरण का अवसर मिला है। लोक माता होल्कर और चौधरी साहब का योगदान देश के लिए है। उनके योगदान के कारण ही हम सब यहाँ हैं। चौधरी चरण सिंह ने हमेशा गाँव, युवाओं, खेत-खलिहान और किसानों की बात की है। इसलिए महापुरुषों की प्रेरणा ही हम सभी को आगे बढ़ाएगी। मैं भारत के अन्नदाता के मसीहा के रूप में पहचाने जाने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की स्मृतियों को कोटि-कोटि नमन करता हूँ।
उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन युवाओं और महिलाओं दोनों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा।इस ऐतिहासिक आयोजन में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया और अनेकरोजगार के अवसर एक ही स्थान पर उपलब्ध कराए गए। कार्यक्रम के दौरान कौशल विकास, इनोवेशन और समावेशी उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में दो महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी की गईं। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच के बीच एक उद्देश्य विवरण का आदान प्रदान किया गया। इस पहल का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को सशक्त बनाना और उन्हें पारंपरिक, सीमित आय वाले कार्यों से निकालकर औपचारिक, स्थाई और स्केलेबल उद्यमों में परिवर्तित करना है। इस पहल के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उद्यमिता आधारित कौशल प्रशिक्षण, औपचारिक वित्तीय सहायता (क्रेडिट लिंकिंग), साझा एवं मानक-अनुरूप इन्फ्रास्ट्रक्चर, और घरेलू व वैश्विक बाजारों तक पहुंच प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, यह कार्यक्रम विभिन्न सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर उनके प्रभाव को भी बढ़ाएगा। इस पहल से न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं की आर्थिक एवं सामाजिक भागीदारी को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम में कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और गूगल क्लाउडके सहयोग से तैयार एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट का भी विमोचन किया गया, जिसका शीर्षक है “AI Sentiment and Readiness”जोदेश के युवाओं और शिक्षकों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रति बढ़ती जागरूकता, स्वीकार्यता और आकांक्षाओं को दर्शाती है। रिपोर्ट के अनुसार, 85 प्रतिशत से अधिक छात्र और 73 प्रतिशत शिक्षक एआई को भविष्य के लिए एक सकारात्मक और परिवर्तनकारी शक्ति मानते हैं। 76 प्रतिशत युवा स्वयं एआई आधारित समाधान विकसित करने की इच्छा रखते हैं, जो भारत को ‘कंज्यूमर’ से ‘क्रिएटर’ बनने की दिशा में आगे बढ़ने का संकेत देता है। 81 प्रतिशत शिक्षक शिक्षा में एआई के उपयोग को अपनाने के लिए तैयार हैं, जबकि 90 प्रतिशत छात्र AI को अपनी मातृभाषा में उपलब्ध कराने की आवश्यकता महसूस करते हैं, जिससे तकनीक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। यह पहल शिक्षा क्षेत्र में ‘पर्सनलाइज्ड एआईट्यूटर’ जैसी उन्नत अवधारणाओं को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में रजतअरोड़ा, कंट्रीमैनेजर – गवर्नमेंटअफेयर्सएंडपब्लिकपॉलिसी, गूगल; डॉ. प्रदीप चौधरी, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ; तथा प्रो. मर्दुल कुमारगुप्ता, वरिष्ठ प्रोफेसर, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ शामिलथे।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन न केवल युवाओं को रोजगार प्रदान करेंगे, बल्कि उन्हें अपने ही राज्य में वैश्विक स्तर के अवसर उपलब्ध कराकर पलायन को भी कम करेंगे। कौशल महोत्सव में आए नौजवानों की चेहरों की चमक बता रही है कि उन्हें बेहतर अवसर मिले हैं। हर युवा स्किल्ड हो ताकि हर किसी को रोजगार के अवसर मिल सके।
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