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Thursday, February 19, 2026

प्रेरक व्याख्यान से विद्यार्थियों को मिली सफलता की नई दिशा



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित सर छोटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी द्वारा अटल ऑडिटोरियम में “स्ट्रेटेजी फॉर सक्सेस – अपनी पूर्ण क्षमता को पहचानें” विषय पर प्रेरक व्याख्यान का भव्य आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के मार्गदर्शन तथा प्रोफेसर आर के सोनी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति सजग बनाना, मानसिक संतुलन विकसित करना तथा जीवन में सफलता के लिए सही दिशा प्रदान करना रहा। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. पूनम देवदत्त ने विद्यार्थियों को सफलता, आत्मविकास और मानसिक संतुलन के व्यावहारिक सूत्र बताए। 

मुख्य वक्ता ने अपने संबोधन में कहा कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को समय का सदुपयोग करने, सकारात्मक सोच बनाए रखने तथा अपनी आंतरिक क्षमताओं को पहचानकर उन्हें सही दिशा देने की प्रेरणा दी। उन्होंने विशेष रूप से तनाव प्रबंधन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित दिनचर्या, पर्याप्त विश्राम, गहरी श्वास और ध्यान मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि समस्याओं से बचने के बजाय उनका समाधान खोजने की आदत विकसित करनी चाहिए। टालमटोल की आदत पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि “आज नहीं, कल कर लेंगे” जैसी सोच सफलता की राह में सबसे बड़ी बाधा है। कार्य को छोटे-छोटे भागों में बाँटकर तुरंत शुरुआत करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और कार्य समय पर पूरा होता है।

प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने खुलकर अपनी जिज्ञासाएँ रखीं। पढ़ाई के तनाव को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में विशेषज्ञ ने कहा कि नियमित तैयारी और संतुलित दिनचर्या तनाव को कम कर देती है। एकाग्रता बढ़ाने के उपाय बताते हुए उन्होंने मोबाइल से दूरी रखने, निश्चित समय पर अध्ययन करने और बीच-बीच में छोटे विराम लेने की सलाह दी। असफलता से निराश होने पर उन्होंने उसे सीख के रूप में स्वीकार करने और तुरंत नया प्रयास शुरू करने का संदेश दिया। करियर संबंधी भ्रम पर उन्होंने अपनी रुचि और क्षमता को पहचानकर सही मार्गदर्शन लेने की बात कही।

संस्थान के निदेशक प्रो. नीरज सिंघल ने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, रणनीतिक सोच और निरंतर प्रयास को सफलता की आधारशिला बताते हुए कहा कि ऐसे प्रेरक कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण, समय प्रबंधन, आत्मविश्वास, मानसिक संतुलन और जीवन कौशल विकसित करने की दिशा मिलती है। यह केवल शैक्षणिक मार्गदर्शन ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की भी सशक्त प्रक्रिया है।

कार्यक्रम का सफल संयोजन सांस्कृतिक प्रकोष्ठ, एससीआरआईईटी द्वारा किया गया। संयोजक डॉ. दिव्या शर्मा एवं सह-संयोजक डॉ. गौरव त्यागी के कुशल निर्देशन में आयोजन सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न हुआ। संचालन अदिति अवस्थी ने प्रभावी ढंग से किया, जबकि आयोजन की सफलता में प्रताप, आदर्श, शमा परवीन एवं सौम्या गुप्ता सहित विद्यार्थियों का सराहनीय योगदान रहा। इस अवसर पर डॉ. निधि भाटिया, सुश्री कंचन वर्मा, डॉ. जे.आर. बेंथम, इं. प्रवीण पंवार सहित अन्य प्राध्यापकगण एवं गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

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