नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ।स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के मंच कला विभाग, ललित कला संकाय तथा संगीत नाट्य अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में “कला संवाद-9” श्रृंखला के अंतर्गत “भगवद्गीता और नाट्यशास्त्र : मानवता की सांस्कृतिक धरोहर” विषय पर एक विशेष पैनल चर्चा का आयोजन सत्यजीत रे सभागार में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजू दास (सचिव, संगीत नाटक अकादमी), सुमन कुमार (उपसचिव, संगीत नाटक अकादमी), ललित कला संकाय के डीन प्रो. पिंटू मिश्रा, मंच कला विभाग की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) भावना ग्रोवर तथा विश्वविद्यालय के डायरेक्टर जनरल (सेवानिवृत्त मेजर जनरल) डॉ. जी.के. थपलियाल द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना के साथ हुआ। कार्यक्रम ने प्रारंभ से ही आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा का वातावरण निर्मित किया। संगीत नाटक अकादमी के सचिव श्री राजू दास, प्रो. पिंटू मिश्रा एवं डॉ. भावना ग्रोवर ने आगंतुक विद्वानों का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. भंडार राजेश्वर राव (तिरुपति), डॉ. नवदीप कौर (चंडीगढ़) तथा डॉ. मनीष राजन वालकेकर (पुणे) ने अपने विचार प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने भगवद्गीता और नाट्यशास्त्र के दार्शनिक, आध्यात्मिक एवं नाट्य-सौंदर्यशास्त्रीय आयामों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में कला केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि मानव जीवन के नैतिक एवं आध्यात्मिक उत्थान का माध्यम है।

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