नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मिशन शक्ति के अंतर्गत आंतरिक परिवाद समिति के तत्वावधान में एक व्याख्यान और परामर्श सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप मे एडवोकेट प्रवर्तना सुलक्ष्य उपस्थित रहीं। व्याख्यान का विषय था - महिलाओं के प्रति अपराध : कानूनी सुरक्षा और सलाह।
कार्यक्रम का शुभारंभ आंतरिक परिवाद समिति प्रभारी प्रो. लता कुमार द्वारा प्राचार्य प्रो अंजू सिंह के स्वागत द्वारा किया गया । इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो डॉ अंजू सिंह ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि छात्राओं को अपने विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहना है, लेकिन उनका दुरुपयोग नहीं करना है। छात्राओं को ऐसे आयोजनों का अधिक से अधिक लाभ उठाना है । मुख्य वक्ता एडवोकेट प्रवर्तना सुलक्ष्य ने महिलाओं की कानूनी जागरुकता की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए कहा कि छात्राओं को अधिक सजग रहने की आवश्यकता है और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर का प्रयोग करना चाहिए । आपने छात्राओं को महिला हेल्प लाइन नम्बर 1090 से छात्राओं को अवगत करवाया। निकट के सखी सेंटर पर कॉल करने पर यदि किसी महिला के साथ हिंसा हो रही है, तो उसको कुछ दिनों के लिए शेल्टर भी दिया जा सकता हैं। आपने कार्यक्षेत्र में महिलाओं के उत्पीड़न पर आंतरिक परिवाद समिति के समक्ष शिकायत करने और समिति द्वारा तुरंत संज्ञान लेने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
घरेलू हिंसा, एसिड अटैक, यौन उत्पीड़न, साइबर क्राइम आदि के बारे में एडवोकेट प्रवर्तना ने छात्राओं विस्तार से जानकारी दी और इनसे पीड़ित होने पर किस प्रकार कानूनी सहायता ली जा सकती है तथा कौन से क़ानून उपलब्ध हैं इन सभी से छात्राओं को अवगत कराया । परामर्श सत्र में छात्राओं ने अपनी शंकाओं और समस्याओं को भी मुख्य वक्ता के समक्ष रखा। कार्यक्रम का आयोजन आंतरिक परिवाद समिति प्रभारी और एनसीसी अधिकारी कैप्टन (प्रो) लता कुमार के द्वारा किया गया। इस अवसर पर समिति सदस्य डॉ मंजू रानी, डा डेजी वर्मा सहित प्रो अनुजा गर्ग, प्रो स्वर्णलता कदम, प्रो मंजू रानी, प्रो गीता चौधरी, डा भारती शर्मा, डा निरुपमा सिंह, डा गौरी, डा गजेन्द्र सिंह, डॉ शालिनी वर्मा व अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे। आयोजन में 50 से अधिक छात्राओं ने सहभागिता की ।

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