रवि गौतम
नित्य संदेश, परिक्षितगढ़। टेट अनिवार्यता के विरोध में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर शिक्षकों ने काली पट्टी बाँधकर शिक्षण कार्य किया तथा लगातार 23, 24 व 25 फरवरी को शिक्षक काली पट्टी बाँध कर शिक्षण कार्य करेंगे
उच्चतम न्यायालय ने अपने एक आदेश में कहा कि 2011 से पहले से भी नियुक्त सभी शिक्षकों को सेवा में बने रहने के लिए टेट पास करना अनिवार्य है. जबकि शिक्षकों का कहना हैं कि टेट परीक्षा का नियम ही 2011 के अनिवार्य शिक्षा का अधिनियम के बाद आया है.. और 2011 से पहने नियुक्त शिक्षक उस समय की शासन द्वारा निर्धारित योग्यता को पूर्ण करके ही सेवा में आएं है और विभाग निरंतर प्रशिक्षण दिलाता है ताकि सभी शिक्षक शिक्षण की नवीन तकनीकों से प्रशिक्षित हो सकें।
शिक्षक संघों का कहना है कि प्रदेश में ही तीन लाख शिक्षक बिना टेट पास है अब इतना बड़ी आयु में टेट पास करना और इतने लंबे शिक्षण के अनुभव को अनदेखा करना घोर अव्यवहारिक है शिक्षकों की मांग है कि सरकार शिक्षकों के लंबे शिक्षण अनुभव को महत्व देकर और उनके रोजगार और जीविका को देखते हुए अध्यादेश लाकर 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टेट से मुक्ति दिलाए मनोज शर्मा, रश्मि देवी, विनय कुमार, नितिन कुमार, शिवानी, जमाल, शैलेंद्र, संजय, सुधीर, नवीन, नीरज, कुलदीप, अशोक, अब्दुल बारी, श्रवण, शबाना, मीतू, शालिनी, गीता,Nifty, अंजुल, हेमंत, गिरीश पाल, भूपेंद्र, परमजीत, परविन्दर, विनोद, सुनीता, मोना, रीना, हंस वीर, आत्मा शरण, सुरेंद्र, विनीता, महकार आदि ब्लॉक के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने काली पट्टी बाँध कर शांतिपूर्ण शिक्षण कार्य किया

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