नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। सरदार पटेल सुभारती इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ, स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ द्वारा “माँ, मातृभूमि एवं मातृ भाषा का कोई विकल्प नहीं” भारतीय भाषा अभियान के अंतर्गत “विधि शिक्षा एवं न्याय प्रणाली में भारतीय भाषाओं की भूमिका” विषय पर जागरूकता वार्ता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन सरदार पटेल सुभारती लॉ कॉलेज के निदेशक राजेश चन्द्रा (पूर्व न्यायमूर्ति, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश) के दिशा-निर्देशन में तथा प्रो. (डॉ.) रीना बिश्नोई, संकायाध्यक्ष, सुभारती लॉ कॉलेज के संरक्षण में सम्पन्न हुआ। सत्र की मुख्य वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय की प्रोफेसर श्रीमती आलोक शर्मा ने ज्ञानवर्धक व्याख्यान देते हुए न्याय को जनभाषा में सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बांग्लादेश के ऐतिहासिक भाषा आंदोलन का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि भाषा सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान की आधारशिला है तथा गरिमा और संप्रभुता से गहराई से जुड़ी होती है।
उन्होंने भारत सहित कई देशों में अंग्रेज़ी के निरंतर प्रभुत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि कानूनी एवं शैक्षणिक क्षेत्रों में विदेशी भाषा पर अत्यधिक निर्भरता अक्सर संवाद की बाधाएँ उत्पन्न करती है।भारतीय भाषा अभियान उत्तर भारत के क्षेत्रीय समन्वयक श्री राजेंद्र शुक्ला ने भाषाई जागरूकता आंदोलनों के ऐतिहासिक और समकालीन महत्व पर प्रकाश डालते हुए यूनेस्को द्वारा घोषित 21 फरवरी के अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की प्रासंगिकता समझाई तथा हिंदी पखवाड़ा जैसे कार्यक्रमों को भारतीय भाषाओं के संवर्धन का महत्वपूर्ण माध्यम बताया, उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारे संवैधानिक दायित्व की याद दिलाते हैं कि हम भारतीय भाषाओं का सम्मान और प्रचार-प्रसार करें।
मेरठ जिला एवं सत्र न्यायालय के अधिवक्ता भावेश बेनीवाल ने विधि पेशेवरों के लिए हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि मातृभाषा में दक्षता वकीलों को मुवक्किलों से प्रभावी संवाद स्थापित करने, स्पष्ट कानूनी दलीलें प्रस्तुत करने तथा न्यायपालिका और आम नागरिक के बीच की दूरी कम करने में सहायक होती है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें अपनी भाषा को हीन समझने की मानसिकता त्यागनी होगी। अंत में प्रो. डॉ. वैभव गोयल, डीन अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी वक्ताओं, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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