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Sunday, February 22, 2026

एस टूल की मदद से कोई भी शिक्षक या विद्यार्थी एक प्रभावी लेस्सिओं प्लान कर सकता है तैयार

 


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ।  महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता सुनिश्चयन प्रकोष्ठ एवं शोध एवं विकास प्रकोष्ठ संयुक्त तत्वावधान में न्यूक्लियस ऑफ लर्निंग एंड डेवलपमेंट के सहयोग से विषय: “Harnessing AI Tools: A Step towards Strategic Teaching Approach “ पर राष्ट्रीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के तृतीय दिवस आभासीय मंच से शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित टूल्स के अंतर्गत शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक रणनीतिक, प्रभावी एवं नवाचारपूर्ण बनाने संबंधी व्याख्यान प्रस्तुत किया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ एफडीपी समन्वयक प्रो लता कुमार द्वारा सभी के स्वागत भाषण से हुआ । तत्पश्चात कार्यक्रम के विषय विशेषज्ञ डॉ . पुनीत पाठक ने अपने व्याख्यान में शिक्षण एवं अधिगम में AI टूल्स GAMINI की भूमिका पर विस्तृत एवं व्यावहारिक चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से जैमिनी प्लेटफ़ॉर्म के उपयोग पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मिनी AI से संचालित लेसन प्लान क्रिएशन प्लेट फॉर्म है यह प्लेटफ़ॉर्म शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को लेसन प्लान को आरेख , इन्फोग्राफिक, पॉवर पॉइंट, ऑडियो विसुअल और ग्राफ़िक अन्य व्यक्तिगत ग्राफिक्स में बदलने में मदद करता है। उन्होंने यह भी बताया कि जैमिनी प्लेटफ़ॉर्म एक प्रभावी लेस्सिओं प्लान बनाने के लियें एक महत्त्वपूर्ण टूल है I एस टूल की मदद से कोई भी शिक्षक या विद्यार्थी एक प्रभावी लेस्सिओं प्लान तैयार कर सकता है एवं किसी प्रोयोजना पर कम करने के लिए एक प्रभावी परियोजना रिपोर्ट को तैयार भी कर सदाकत है और उसका प्रभावी प्रस्तुतिकरण भी कर सकता है I 

विषय विशेषज्ञ ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बेहद सरल तरीके से बताया कि जैमिनी प्लेटफ़ॉर्म के प्रत्येक विकल्प चाहे वह पिक्कथोचर्ट हो, नोट GPTहो शिक्षण अधिगम हो ,विभिन्न आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुरूप अद्वितीय खूबियां प्रदान करता है I सत्र के दौरान विषय विशेषज्ञ ने जैमिनी प्लेटफ़ॉर्म का प्रयोग का स्क्रीन के माध्यम से सजीव प्रसारण और क्रियान्वयन के बारे में विस्तार से बताया तथा अन्य सहायक AI टूल्स पर भी संक्षिप्त जानकारी दी गई, जिनका उपयोग कंटेंट डेवलपमेंट, शिक्षण अधिगम में किया जा सकता है।

सत्र के अंत में प्रतिभागियों द्वारा प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षण में AI के नैतिक उपयोग,शोध प्रक्रिया में जैमिनी प्लेटफ़ॉर्म की भूमिका, छात्रों की रचनात्मकता बढ़ाने में जैमिनी प्लेटफ़ॉर्म टूल्स की उपयोगिता तथा शिक्षकों के लिए व्यावहारिक चुनौतियों से संबंधित कई प्रश्न पूछे गए। रिसोर्स पर्सन द्वारा सभी प्रश्नों का संतोषजनक, स्पष्ट एवं उदाहरणों सहित उत्तर दिया गया। कार्यक्रम का समापन यूजीसी सदस्य डॉ० आवेश कुमार द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने विषय विशेषज्ञ पुनित पाठक, प्राचार्या महोदया, IQAC समन्वयक प्रोफेसर लता कुमार ,आयोजक समिति के सदस्यों एवं सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम की सफलता में सभी के सहयोग की सराहना की।

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