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Saturday, February 28, 2026

भदौरा गांव में महिलाओं एवं बच्चों के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत *गोद लिए गांव भदौरा* में हेल्थ मिशन इंडिया, मेरठ द्वारा महिलाओं एवं प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के लिए दो विशेष मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इन कार्यशालाओं का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं और बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना एवं उन्हें दैनिक जीवन में आने वाली मानसिक समस्याओं से निपटने के उपाय सिखाना था।

मेंटल हेल्थ मिशन इंडिया, मेरठ की काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट सोफिया ने महिलाओं के लिए आयोजित कार्यशाला में उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार हमारा मानसिक स्वास्थ्य हमारे शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। सोफिया ने समझाया कि जब हम तनाव में रहते हैं, अधिक सोचते हैं या चिंता करते हैं तो इसका सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ता है। इससे सिरदर्द, नींद न आना, थकान, भूख न लगना जैसी शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने महिलाओं को गहरी सांस लेने का अभ्यास करवाया ताकि जिन्हें नींद न आने की समस्या है या अधिक सोचने से सिरदर्द रहता है, वे इस तकनीक से राहत पा सकें। उन्होंने बताया कि रोजाना सुबह-शाम 5-5 मिनट गहरी सांस लेने की प्रैक्टिस करने से मन शांत रहता है, तनाव कम होता है और नींद अच्छी आती है।

मेंटल हेल्थ मिशन इंडिया, मेरठ की काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट प्रिया पॉल ने प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के लिए आयोजित कार्यशाला में उनके साथ इंटरैक्टिव सत्र किया। उन्होंने बच्चों को बताया कि किस प्रकार वे पढ़ाई को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर आसानी से याद कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर उन्होंने समझाया कि अगर एक किताब के 10 पेज याद करने हैं तो उन्हें एक साथ याद करने की बजाय 2-2 पेज करके याद करें और बीच-बीच में छोटे ब्रेक लें। इससे पढ़ाई बोझिल नहीं लगती और जल्दी याद होती है। प्रिया पॉल ने बच्चों को यह भी सिखाया कि अगर वे किसी बात को लेकर परेशान हैं या मन में कोई बात है तो उसे अपने माता-पिता, शिक्षकों या बड़ों से जरूर साझा करें। उन्होंने कहा कि अपनी बातों को दूसरों से शेयर करने से मन हल्का होता है और समस्या का समाधान जल्दी मिलता है।

मेंटल हेल्थ मिशन इंडिया, मेरठ की काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट शिवानी शर्मा ने दोनों कार्यशालाओं में सभी को मेंटल हेल्थ मिशन इंडिया के उद्देश्यों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह मिशन समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने, लोगों को मानसिक समस्याओं से निपटने में मदद करने और हर व्यक्ति तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए कार्य कर रहा है। शिवानी शर्मा ने बच्चों के साथ एक बहुत ही रोचक गतिविधि करवाई जिसमें उन्होंने बच्चों को पॉजिटिव एफर्मेशन और मैनिफेस्टेशन का अभ्यास करवाया। उन्होंने बच्चों को बताया कि जिंदगी में उनके जो भी जीवन में कैरियर उद्देश्य हैं उनके लिए खुद के मोटिवेशन बढ़ाने के लिए खुद से बार बार "मैं डॉक्टर बनूंगा", "मैं पायलट बनूंगा", "मैं पढ़ाई में अव्वल रहूंगा" जैसी सकारात्मक बातें अपने मन में। दोहराते रहें। उन्होंने समझाया कि जब हम अपने लक्ष्य को बार-बार दोहराते हैं और उस पर विश्वास करते हैं, तो वह सपना सच होने लगता है।

इस अवसर पर गांव की प्रधान गुड्डू देवी, मंगल सिंह एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। उन्होंने मेंटल हेल्थ मिशन इंडिया, मेरठ के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि ऐसी कार्यशालाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और लोग अपनी दैनिक समस्याओं से निपटने में सक्षम होंगे। कार्यक्रम में मेंटल हेल्थ मिशन इंडिया टीम ने बताया कि, उनका मिशन इसी प्रकार विभिन्न गांवों और विद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि हर व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ और सशक्त बन सके।

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