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Monday, February 23, 2026

अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में शोधार्थी पवन कुमार को सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति पुरस्कार



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के शोधार्थी पवन कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी शोध प्रतिभा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं उत्कृष्ट प्रस्तुतीकरण क्षमता का परिचय देते हुए नागोया विश्वविद्यालय जापान एवं एस.एस.एन. कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग चेन्नई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 4th International Symposium on Modeling of Crystal Growth Processes and Devices (MCGPD-2026) तथा 3rd Indo-Japan Workshop on Machine Learning for Crystal Growth (MLCG-2026) में सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति पुरस्कार प्राप्त कर विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। 

यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 16 से 20 फरवरी 2026 तक शिव नादर विश्वविद्यालय परिसर, चेन्नई तमिलनाडु में संपन्न हुआ, जिसमें भारत, जापान, इंडोनेशिया सहित अनेक देशों के ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों एवं उद्योग विशेषज्ञों ने सहभागिता की। इस वैश्विक संगोष्ठी में क्रिस्टल ग्रोथ प्रक्रियाओं, उन्नत पदार्थ विज्ञान, मशीन लर्निंग आधारित मॉडलिंग तथा गैस सेंसिंग तकनीकों जैसे अत्याधुनिक विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। शोधार्थी पवन कुमार ने “मैग्नेट्रॉन स्पटरिंग तकनीक द्वारा विकसित प्लैटिनम-सज्जित द्वि-आयामी MoSe₂ पतली परत आधारित हाइड्रोजन गैस सेंसर” विषय पर अपना शोध कार्य प्रस्तुत किया। उनका शोध पर्यावरणीय सुरक्षा, औद्योगिक गैस रिसाव की निगरानी तथा ज्वलनशील हाइड्रोजन गैस की कम सांद्रता पर त्वरित पहचान जैसी समकालीन वैश्विक चुनौतियों से संबंधित है। उन्होंने द्वि-आयामी ट्रांज़िशन मेटल डाइकैल्कोजेनाइड्स आधारित नैनोस्ट्रक्चर्ड पतली परतों के निर्माण की प्रक्रिया, उनके संरचनात्मक एवं सूक्ष्म विश्लेषण, सतही गुणधर्मों तथा गैस संवेदन तंत्र के वैज्ञानिक आधार को अत्यंत स्पष्टता एवं प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया। शोधार्थी पवन कुमार की प्रभावशाली प्रस्तुति, तार्किक वैज्ञानिक विश्लेषण एवं स्पष्ट निष्कर्षों ने अंतरराष्ट्रीय निर्णायक मंडल को अत्यधिक प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 

उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि से चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ, उत्तर प्रदेश, भारत की शैक्षणिक प्रतिष्ठा में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है तथा विश्वविद्यालय की वैश्विक शोध पहचान को सुदृढ़ आधार प्राप्त हुआ है। यह सम्मान इस तथ्य को भी प्रमाणित करता है कि विश्वविद्यालय में संचालित अनुसंधान कार्य अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता एवं नवाचार पर आधारित है। यह शोध कार्य उनके शोध मार्गदर्शक प्रो. अनुज कुमार के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। विभागाध्यक्ष प्रो. अनुज कुमार के निर्देशन में पूर्ण हुआ यह अनुसंधान विश्वविद्यालय की सुदृढ़ शोध परंपरा, प्रयोगात्मक उत्कृष्टता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण का परिचायक है। विभाग के समस्त प्राध्यापकगण एवं शोधार्थियों ने शोधार्थी पवन कुमार को इस ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। 

शोधार्थी पवन कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शोध मार्गदर्शक प्रो. अनुज कुमार एवं विभागीय शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं सहयोग को दिया। उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि टीमवर्क, समर्पण एवं वैज्ञानिक अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने भविष्य में भी उन्नत नैनो-सेंसर तकनीकों के विकास, पर्यावरणीय सुरक्षा, औद्योगिक अनुप्रयोगों तथा स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े अनुसंधानों के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के युवा शोधार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है और यह सिद्ध करती है कि मेरठ जैसे शहर से निकलकर भी अंतरराष्ट्रीय विज्ञान मंच पर उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकती है। शोधार्थी पवन कुमार की यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह विश्वविद्यालय की बढ़ती वैज्ञानिक प्रतिष्ठा, शोध क्षमता एवं वैश्विक पहचान का सशक्त प्रतीक भी है।

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