मनोज कुमार
नित्य संदेश, मेरठ। मेरठ की समृद्ध शैक्षणिक परंपरा में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया, जब वरिष्ठ शिक्षाविद्, शोधकर्ता एवं बहुआयामी अकादमिक व्यक्तित्व प्रो. (डॉ.) राम प्रकाश शर्मा को शिक्षा क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक, गहन एवं सार्थक योगदान के लिए डी.लिट्. (विद्यासागर) की सर्वोच्च मानद डॉक्टोरल उपाधि से अलंकृत किया गया।
प्रो. (डॉ.) शर्मा ने अपनी पीएच.डी. की शोध-साधना चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से पूर्ण की, जो उत्तर भारत के प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों में से एक है। उनके उत्कृष्ट अकादमिक योगदान, अनुसंधानपरक दृष्टि, शिक्षा-दर्शन एवं समाजोन्मुख कार्यों को मान्यता देते हुए थावे विद्यापीठ द्वारा उन्हें डी.लिट्. (विद्यासागर) की उपाधि प्रदान की गई। डी.लिट्. (विद्यासागर) शिक्षा-जगत की अत्यंत प्रतिष्ठित एवं सर्वोच्च डॉक्टोरल उपाधियों में से एक मानी जाती है। यह सम्मान केवल गहन विद्वत्ता का प्रतीक नहीं, बल्कि ज्ञान-साधना, नैतिक मूल्यों, समाजोपयोगी चिंतन एवं राष्ट्र निर्माण में सतत योगदान की स्वीकृति भी है। यह उपलब्धि वर्षों की तपस्या, अनुशासित अनुसंधान और शिक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतिफल है।
उक्त सम्मान समारोह में पूर्व में देश एवं विदेश के अनेक विशिष्ट व्यक्तित्वों को भी अलंकृत किया जा चुका है, जिनमें झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, बिहार के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, ख्यातनाम शिक्षाविद् एवं समाजसेवी सम्मिलित रहे हैं। ऐसे गौरवशाली व्यक्तित्वों की श्रेणी में स्थान प्राप्त करना प्रो. (डॉ.) शर्मा के लिए विशिष्ट सम्मान का विषय है।
बहु-विषयी अकादमिक पृष्ठभूमि के धनी प्रो. (डॉ.) शर्मा के नाम के साथ D.Litt., Ph.D., M.D., M.Phil., M.B.A., M.Sc., M.A., B.Ed., P.G.D.C.A., C.Ht. (USA) जैसी अनेक उच्च उपाधियाँ जुड़ी हैं, जो उनकी व्यापक अध्ययनशीलता और बौद्धिक समर्पण को प्रतिबिंबित करती हैं। वे शिक्षा को केवल ज्ञानार्जन का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त आधार मानते हैं।
अपने उद्बोधन में उन्होंने इस सम्मान का श्रेय अपने पूज्य माता-पिता, गुरुजनों एवं शुभचिंतकों को समर्पित करते हुए शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के पथ पर निरंतर समर्पित रहने का संकल्प दोहराया। शिक्षा-जगत के प्रबुद्ध वर्ग ने इस उपलब्धि को मेरठ तथा समूचे उत्तर प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है।
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