नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता सुनिश्चयन प्रकोष्ठ एवं शोध एवं विकास प्रकोष्ठ संयुक्त तत्वावधान में न्यूक्लियस ऑफ लर्निंग एंड डेवलपमेंट के सहयोग से विषय: “Harnessing AI Tools: A Step towards Strategic Teaching Approach “ पर एक राष्ट्रीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के द्वितीय दिवस आभासीय मंच से शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित टूल्स के अंतर्गत शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक रणनीतिक, प्रभावी एवं नवाचारपूर्ण बनाने के लिए है। कार्यक्रम का शुभारंभ एफडीपी समन्वयक प्रो लता कुमार द्वारा सभी के स्वागत भाषण से हुआ ।
तत्पश्चात कार्यक्रम के विषय विशेषज्ञ डॉ . पुनित पाठक ने अपने व्याख्यान में शिक्षण एवं अधिगम में AI टूल्स NAPkIN की भूमिका पर विस्तृत एवं व्यावहारिक चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से नैपकिन प्लेटफ़ॉर्म के उपयोग पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नैपकिन AI से संचालित विजुअल क्रिएशन प्लेट फॉर्म है यह प्लेटफ़ॉर्म शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को टेक्स्ट को आरेख , इन्फोग्राफिक और अन्य व्यक्तिगत ग्राफिक्स में बदलने में मदद करता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह एकल उद्देशीय विजुअल बनाने में उत्कृष्ट है, लेकिन यह एक पूर्ण एकीकृत प्रस्तुति निर्माण अनुभव प्रदान नहीं करता। सत्र के बीच में प्रतिभागी प्रश्नों के उत्तर भी प्रदान किये गये । विषय विशेषज्ञ ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बेहद सरल तरीके से बताया कि नैपकिन टूल्स के प्रत्येक विकल्प चाहे वह पिक्कथोचर्ट हो, नोट gpt हो शिक्षण अधिगम हो ,विभिन्न आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुरूप अद्वितीय खूबियां प्रदान करता है।अवधारणा मानचित्रण (Concept Mapping) तथा शोध-आधारित सीखने में किस प्रकार सहायक है। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया।

No comments:
Post a Comment