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Saturday, February 21, 2026

AI टूल्स NAPkIN की भूमिका पर विस्तृत एवं व्यावहारिक चर्चा

 


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता सुनिश्चयन प्रकोष्ठ एवं शोध एवं विकास प्रकोष्ठ संयुक्त तत्वावधान में न्यूक्लियस ऑफ लर्निंग एंड डेवलपमेंट के सहयोग से विषय: “Harnessing AI Tools: A Step towards Strategic Teaching Approach “ पर एक राष्ट्रीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के द्वितीय दिवस आभासीय मंच से शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित टूल्स के अंतर्गत शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक रणनीतिक, प्रभावी एवं नवाचारपूर्ण बनाने के लिए है। कार्यक्रम का शुभारंभ एफडीपी समन्वयक प्रो लता कुमार द्वारा सभी के स्वागत भाषण से हुआ । 

तत्पश्चात कार्यक्रम के विषय विशेषज्ञ डॉ . पुनित पाठक ने अपने व्याख्यान में शिक्षण एवं अधिगम में AI टूल्स NAPkIN की भूमिका पर विस्तृत एवं व्यावहारिक चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से नैपकिन प्लेटफ़ॉर्म के उपयोग पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नैपकिन AI से संचालित विजुअल क्रिएशन प्लेट फॉर्म है यह प्लेटफ़ॉर्म शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को टेक्स्ट को आरेख , इन्फोग्राफिक और अन्य व्यक्तिगत ग्राफिक्स में बदलने में मदद करता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह एकल उद्देशीय विजुअल बनाने में उत्कृष्ट है, लेकिन यह एक पूर्ण एकीकृत प्रस्तुति निर्माण अनुभव प्रदान नहीं करता। सत्र के बीच में प्रतिभागी प्रश्नों के उत्तर भी प्रदान किये गये । विषय विशेषज्ञ ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बेहद सरल तरीके से बताया कि नैपकिन टूल्स के प्रत्येक विकल्प चाहे वह पिक्कथोचर्ट हो, नोट gpt हो शिक्षण अधिगम हो ,विभिन्न आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुरूप अद्वितीय खूबियां प्रदान करता है।अवधारणा मानचित्रण (Concept Mapping) तथा शोध-आधारित सीखने में किस प्रकार सहायक है। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया।

 सत्र के दौरान अन्य सहायक AI टूल्स पर भी संक्षिप्त जानकारी दी गई, जिनका उपयोग कंटेंट डेवलपमेंट, शिक्षण अधिगम में किया जा सकता है। सत्र के अंत में प्रतिभागियों द्वारा प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षण में AI के नैतिक उपयोग,शोध प्रक्रिया में नैपकिनAI की भूमिका, छात्रों की रचनात्मकता बढ़ाने में नैपकिन AI टूल्स की उपयोगिता तथा शिक्षकों के लिए व्यावहारिक चुनौतियों से संबंधित कई प्रश्न पूछे गए। रिसोर्स पर्सन द्वारा सभी प्रश्नों का संतोषजनक, स्पष्ट एवं उदाहरणों सहित उत्तर दिया गया।

कार्यक्रम का समापन यूजीसी समन्वयक प्रो ० गीता चौधरी द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने विषय विशेषज्ञ पुनित पाठक, प्राचार्या, IQAC समन्वयक प्रोफेसर लता कुमार ,आयोजक समिति के सदस्यों एवं सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम की सफलता में सभी के सहयोग की सराहना की।

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