नित्य संदेश ब्यूरो
बरेली। आईबीएम (NYSE: IBM) ने लखनऊ में अपने AI GovTech इनोवेशन सेंटर का उद्घाटन
किया। इस पहल का उद्देश्य आधुनिक शासन प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मजबूत
आधार के रूप में विकसित करना और उसके माध्यम से ठोस परिणाम हासिल करना है। उद्घाटन
उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस अवसर पर आईबीएम के चेयरमैन, प्रेसिडेंट और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरविंद
कृष्णा तथा तथा
आईबीएम इंडिया एवं साउथ एशिया के प्रबंध निदेशक संदीप पटेल, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान
कानपुर के निदेशक, प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल और उत्तर प्रदेश सरकार व आईबीएम के अन्य
वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहें।
आईबीएम के चेयरमैन, प्रेसिडेंट और मुख्य कार्यकारी
अधिकारी अरविंद कृष्णा ने कहा, “एआई सरकारों की कार्यक्षमता और आर्थिक प्रतिस्पर्धा
को नई दिशा देगा। भारत सहित दुनिया भर में सरकारें अब एआई को प्रयोग के स्तर से आगे
बढ़ाकर उसे लागू करने की दिशा में तेजी से कदम उठा रही हैं। Responsible एआई को अपनाने
के मामले में इस तरह खुलापन उत्साहप्रेरक है।" उन्होंने आगे कहा, “यह लखनऊ केंद्र
एआई के क्षेत्र में आईबीएम के वैश्विक अनुभव और स्थानीय
प्रतिभा व शैक्षणिक संस्थानों की मजबूत उपस्थिति को एक मंच पर लाता है। यह हमें एआई
के लक्ष्यों को वास्तविक और मापनीय परिणामों में बदलने में मदद करेगा।“ बतादे
कि दुनियाभर की सरकारें आज के समय में बढ़ती जा रही नागरिक अपेक्षाओं,
जटिल नियमों और तेजी से बढ़ते डेटा की चुनौती का सामना कर रही हैं। ऐसे
में एआई सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने के
लिए बेहद महत्वपूर्ण बनता जा रहा है। यह सेंटर एक साझा मंच के रूप में काम करेगा,
जहां भरोसेमंद एआई सोल्यूशन्स तैयार किए जाएंगे,
उनकी जांच की जाएगी और उन्हें बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा,
ताकि प्रशासन अधिक प्रभावी और पारदर्शी बने।
दो समझौता ज्ञापनों पर किए हस्ताक्षर
कार्यक्रम के दौरान आईबीएम ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ
दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए, जिससे राज्य के विकास के दीर्घकालीन लक्ष्यों
को एआई आधारित प्रशासन से जोड़ सकें। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग
के साथ मिलकर यह सेंटर विभिन्न विभागों में एआई आधारित उपयोगों
को विकसित करेगा और भिन्न भिन्न विभागों में डिजिटल व एआई क्षमता
को मजबूत करेगा। स्कूल शिक्षा निदेशालय के साथ मिलकर कक्षा 6
से 12 तक के छात्रों और शिक्षकों के लिए एआई साक्षरता कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिससे उन्हें एआई
की बुनियादी जानकारी और उन्हे भविष्य की चुनौतियों के लिये जरूरी व्यावहारिक
अनुभव व कौशल्य मिल सके।
लखनऊ स्थित आईबीएम परिसर में
एक सॉफ्टवेयर लैब भी है, जो कंपनी के वैश्विक सॉफ्टवेयर उत्पादों
में योगदान देती है। इस परिसर में आईबीएम कंसल्टिंग का फ्यूचर
न्यू सेंटर भी है, जहां से क्षेत्रीय प्रतिभाएं दुनिया भर के
ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाएं संचालित करती हैं। आईबीएम, आईआईटी कानपुर
जैसे प्रमुख संस्थानों के साथ मिलकर राज्य के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर
लागू किए जा सकने वाले सोल्यूशन्स विकसित कर रहा है। जुलाई 2025
में आईबीएम ने आईआईटी कानपुर
के एयरावत रिसर्च फाउंडेशन के साथ साझेदारी की, जो शहरों को सस्टेनेबल बनाने की दिशा
में काम करने वाला एआई सेंटर ऑफ एक्सलेंस है। इस सहयोग के तहत कई एआई-सोल्यूशन्स
विकसित किए जा रहे हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य वायु गुणवत्ता की निगरानी और सुधार सुनिश्चित
करना है।
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