-अब तक बाजार में खपा चुके 250 से अधिक तमंचे, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। सरधना पुलिस ने तमंचा फैक्ट्री का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह फैक्ट्री गांव के बाहर खेत में बनी एक ट्यूबवेल में चल रही थी। मौके से काफी संख्या में बने और अधबने तमंचे बरामद हुए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अब तक करीब 250 से ज्यादा अवैध तमंचे यह बाजार में खपा चुके हैं। फिलहाल पुलिस नेटवर्क खंगालने में जुटी है।
पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता के दौरान एसपी देहात अभिजीत सिंह ने बताया कि सर्विलांस टीम को कुछ समय पहले सूचना मिली कि सरधना में तमंचा फैक्ट्री का संचालन हो रहा है। टीम ने सूचना पर काम शुरू किया और जल्द ही फैक्ट्री की लोकेशन ढूंढ निकाली। सर्विलांस टीम ने सरधना पुलिस से संपर्क किया और एक नलकूप पर छापा मारा। इसी नलकूप में तमंचा फैक्ट्री का संचालन हो रहा था। दो लोगों को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान जान मोहम्मद उर्फ जानू पुत्र हाशिम निवासी ग्राम नवाबगढ़ी थाना सरधना और आस मोहम्मद उर्फ आशु पुत्र राशिद निवासी ग्राम पिठलोकर थाना सरधना के रूप में हुई। दोनों का आपराधिक इतिहास खंगाला गया तो उनके खिलाफ पहले से काफी मुकदमे दर्ज पाए गए। एसपी देहात अभिजीत सिंह ने बताया कि पिछले कई दिन से सूचना पर काम किया जा रहा था। नलकूप के अंदर चल रही फैक्ट्री से 17 अर्ध निर्मित और छह निर्मित तमंचे बरामद हुए हैं। इस मामले में आस मोहम्मद और जान मोहम्मद के अलावा साबिर का नाम सामने आया है जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास हो रहे हैं।
3000 से 5000 में बेचते थे तमंचा
एसपी देहात की माने तो दोनों शातिर बदमाश हैं जो पहले भी सलाखों के पीछे रहकर आ चुके हैं। आस मोहम्मद 2005 में भी इसी तरह की एक पकड़ी गई अवैध तमंचा फैक्ट्री के मामले में जेल रहकर आ चुका है। उन्होंने बताया कि एक तमंचा यह 3000 रूपए से 5000 रूपए में बेचा करते हैं। साबिर के अलावा और कितने लोग इनके गिरोह में शामिल है इसका पता लगाया जा रहा है।
पुलिस के खुलासे के बाद मची खलबली
पुलिस के इस खुलासे के बाद खलबली मची है। दरअसल, आगामी समय में पंचायत चुनाव भी होने हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि कहीं पंचायत चुनाव के लिए तो यहां तमंचे नहीं बनाई जा रहे थे। एसपी देहात की माने तो पुलिस फिलहाल इनका नेटवर्क खंगालने में जुटी है। अन्य कई बिंदुओं पर भी पुलिस टीम में जांच कर रही है।

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