नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। शहीद मंगल पांडे राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय
में “एआई शिक्षा पद्धति” विषय पर आयोजित सप्त दिवसीय नेशनल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम
के चतुर्थ दिवस में “कला और रचनात्मक शास्त्रों (संगीत, दृश्य, कला, रंगमंच) में शिक्षा
पद्यति” सत्र का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन आंतरिक गुणवत्ता सुनिश्चित प्रकोष्ठ
(IQAC) एवं न्यूक्लियस ऑफ लर्निंग एंड डेवलपमेंट संस्था के संयुक्त तत्वावधान में किया
जा रहा है। प्राचार्य प्रो. अंजू सिंह के दिशा-निर्देशन में यह सत्र सम्पन्न हुआ। इस
सत्र में “कला और रचनात्मक शास्त्रों (संगीत, दृश्य, कला, रंगमंच) में शिक्षा पद्यति”
के अंतर्गत विभिन प्रकार के एआई (AI) के महत्व पर विचार-विमर्श किया गया। रिसोर्स पर्सन
डॉ. विकास राजपोपट (पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, गुरु घासीदास विवि, केन्द्रीय विश्वविद्यालय,
छतीसगढ़) रहे। उन्होंने बताया कि एआई प्रत्येक छात्र की विशिष्ट आवश्यकताओं, सीखने
की शैली और गति के आधार पर शिक्षण पथ को अनुकूलित करता है।
उन्होंने विभिन प्रकार के लिंक के माध्यम से आसानी से
ज्ञान को कैसे संचित किया जाए और उसके हस्तांतरण को सुविधाजनक कैसे बनाया जाए, जिससे
कम समय में अधिक से अधिक कार्य सम्पादित किया जा सके। रिपोर्ट लेखन प्रो. पारुल मलिक
द्वारा किया गया। प्राध्यापक प्रो. मोनिका चौधरी, डॉ. भावना सिंह, डॉ. दीपा गुप्ता,
डॉ. आशीष पाठक, डॉ. गजेन्द्र, डॉ. ऋचा राणा एवं महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक आदि
उपस्थित रहे।

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