नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। दिगंबर जैन मंदिर आनंदपुरी में कल्याण मंदिर विधान बड़ी धूमधाम से संपन्न कराया गया। सर्वप्रथम इंद्रों द्वारा शांतिनाथ भगवान को पांडुकशिला पर विराजमान कर अभिषेक किया गया।
तत्पश्चात श्री देव शास्त्र गुरु, श्री आदिनाथ भगवान, श्री महावीर भगवान, श्री णमोकार महामंत्र की पूजा की गई। तदुपरांत मुनी प्रणम्य सागर द्वारा रचित कल्याण मंदिर विधान किया गया। संसार से डरे हुए जीवों को अभय पद देने वाले, पापों में डूबते हुए जीवों को बचाने के लिए जहाज सामान पारसनाथ भगवान के समक्ष स्वास्तिक मांडले पर 44 अर्घ चढ़ाए गए। सभी धार्मिक क्रियाएं अरुण जैन द्वारा संपन्न कराई गई। शाम को रत्नमयी मांडले पर कल्याण मंदिर स्तोत्र के 44 श्लोकों के साथ रत्नमयी दीपों को अर्पित करते हुए आरती की गई। इन क्रियाओं में सतेंदर जैन, अचल जैन, विजय जैन, अनंत वीर जैन, चैतन्य जैन, प्रभात जैन का विशेष सहयोग रहा।
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