नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। आभा मानव मंदिर वरिष्ठ नागरिक सेवा सदन में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ. श्रीमद् भागवत स्थापना व पूजन मुख्य यजमान सुरेश चंद्र गोविल व आभा गोविल द्वारा किया गया। आचार्य पंडित विनय कुमार शास्त्री ने विधि विधान से भागवत पूजन करवाया व कथा प्रारंभ की।
व्यास पीठ से आचार्य पंडित विनय कुमार शास्त्री ने कहा कि आज मनुष्य के पास सबके लिए वक्त है, लेकिन भगवान के लिए वक्त नहीं है। ईश्वर से दूर होने पर ही मनुष्य को विपत्तियां घेर लेती हैं लेकिन हम ईश्वर को भूल जाते हैं और अपना सारा समय व्यर्थ अन्य कार्यो में खो देते हैं। मन रूपी मंदिर में जो परमात्मा बैठा है उसे मनुष्य क्यों नहीं भजता।
कोई तन दुखी, कोई मन दुखी, कोई धन बिन रहत उदास ।
थोड़े-थोड़े सब दुखी, सुखी राम के दास।।
सभी का आपस में प्रेम से रहना भी परमात्मा की भक्ति है लेकिन हम द्वेष ही करते रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि संतों के संग से ही सत्संग पाकर व्यक्ति को विवेक प्राप्त होता है । जीवन में संकट आए तो भगवान के नाम का उच्चारण कीजिए प,रमात्मा की शरण में जाकर ही जीव के संकट कट सकते हैं भक्ति में इतनी शक्ति है कि वह परमात्मा तक पहुंचा देती है। कितना बड़ा पापी क्यों ना हो भागवत कथा सुनने से सब मुक्त हो जाते हैं । आज ऐसा कोई घर नहीं जहां क्लेश ना हो, घर तो वो है जहां प्रेम हो, एकता हो , एक दूसरे का सम्मान हो लेकिन आज क्लेश के कारण घर का मुखिया ही दुखी है तो घर कैसे सुखी रह सकता है। सभी अपने केवल सुख के लिए ही तुमसे जुड़े हैं केवल एक परमात्मा का ही जीव से संबंध है जो अनित्य है और निस्वार्थ है ।अंत में सभी ने आरती कर प्रसाद ग्रहण किया।

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