सुभारती विश्वविद्यालय में छात्रों सेल्फ ग्रूमिंग एवं पर्सेनैल्टी डेवलपमेंट पर आयोजित कार्यशाला में मिली नई दिशा
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा सोमवार को रानी लक्ष्मीबाई ऑडिटोरियम में सेल्फ ग्रूमिंग एवं व्यक्तित्व विकास” विषय पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में मेरठ की मशहुर मेकअप आर्टिस्ट एवं मनोबैज्ञानिक आकांक्षा मलिक, स्किन केयर स्पेशलिस्ट सुश्री सोनल व स्टूडियो मेकअप एक्सपर्ट कामरान वक्ता व प्रशिक्षक के रुप में उपस्थित रहे। वहीं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के निदेशक आर.पी. सिंह, विभागाध्यक्ष प्रोफे.(डॉ.) ऋतेष चौधरी, सुभारती मैनेजमेंट कॉलेज की डीन व सुभारती विश्वविद्यालय की डीन अकादमिक्स प्रोफे. (डॉ.) सीमा बुशरा व प्रोफे. अशोक त्यागी तथा कार्यक्रम संयोजिका पत्रकारिता विभाग की सहायक आचार्या डॉ. प्रीति सिंह आदि ने कार्यशाला के प्रशिक्षकों को अंगवस्त्र व पादप देकर उनका स्वागत किया।
कार्यशाला में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्य प्रशिक्षक आकांक्षा मलिक ने छात्रों को यह समझाया कि सेल्फ ग्रूमिंग न केवल बाहरी रूप-रंग तक सीमित है, बल्कि यह आत्मविश्वास, सोच और मानसिकता को भी आकार देता है। उन्होंने अपने संबोधन में पाँच मुख्य विषयों पर विस्तार से चर्चा की जिसमें आत्म-छवि और आत्मसम्मान, व्यक्तित्व एवं व्यक्तित्व के प्रकार, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, आत्मविश्वास का निर्माण, सामाजिक चिंता से मुक्ति आदि विषय रहे।
उन्होंने फर्स्ट इंप्रेसन पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी संवाद में आंखों का संपर्क, शारीरिक हाव-भाव, आपकी ऊर्जा, पोशाक और स्वच्छता व्यक्ति की छवि को प्रभावित करते हैं। आकांक्षा मलिक ने रंगों के महत्व पर भी चर्चा करते हुए बताया कि नीला रंग विश्वास और प्रोफेशनलिज़्म, काला रंग शक्ति और गंभीरता, सफेद रंग स्पष्टता और स्वच्छता, पेस्टल व फ्लोरल रंग अपनापन व मित्रता को दर्शाते हैं।
आगे बोलते हुए आकांक्षा मलिक ने स्वच्छ कपड़े पहनना, उचित हेयरस्टाइल और हल्की सुगंध का प्रयोग करने जैसे हाइजीन के ‘डूज़’ और ‘डोंट डूज़’ जैसे विषयों पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने मीडिया एवं अन्य विष्यों के छात्रों के लिए त्वचा की नमी (मॉइश्चर), भौंहों की देखभाल और लिप बाम जैसे बेसिक स्किन केयर टिप्स भी दिए गए। कार्यशाला के दौरान आकांक्षा मलिक ने लाइव मेकओवर की प्रस्तुति भी दी।
इस दौरान पॉलीटेक्निक विभाग के छात्र सौरभ और बीएजेएमसी की छात्रा साक्षी का लाइव मेकओवर किया गया, जिसमें मेकअप एकस्पर्ट कमरान खान और स्किन स्पेशलिस्ट सोनल ने सहयोग किया। इस प्रदर्शन से छात्रों को यह समझने में मदद मिली कि आत्मविश्वास सिर्फ बाहरी रूप से नहीं बल्कि भीतर से भी विकसित होता है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में बोलते हुए पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफे.(डॉ.) ऋतेष चौधरी ने कहा कि यह कार्यशाला आज के समय में विद्यार्थियों में सेल्फ ग्रूमिंग एवं पर्सनैल्टी डेवलपमेंट जैसे महत्वपूर्ण विषयों को आसानी से समझाने एवं इसके महत्व से परिचित करवाने के लिए आयोजित की गई है। सुभारती विश्वविद्यालय का पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग विद्यार्थियों के हित के लिए इस प्रकार की भविष्य में भी कई और कार्यशालाएं आयोजित करवाएगा।
कार्यक्रम के अंत में इस कार्यशाला की संयोजिका व पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की सहायक आचार्या डॉ. प्रीति सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि आकांक्षा मिलक एवं इनकी टीम के द्वारा आज हमारे विद्यार्थियों को जोटिप्स लाइव एक्जाम्पल्स के साथ दिए गए हैं,, वे निश्चित तौर पर ही हमारे विद्यार्थियों के काम आएंगे। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला छात्रों के लिए एक सार्थक और प्रेरणादायक अनुभव साबित हुई है। इस कार्यशाला ने उन्हें(विद्यार्थियों को) फर्स्ट इंप्रेसन को प्रभावी बनाने, आत्मविश्वास बढ़ाने और व्यक्तिगत व पेशेवर जीवन में सफलता के लिए आवश्यक गुणों को सीखने का अवसर दिया। उन्होंने इस आयोजन में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, विशेषज्ञों विभिन्न विभागों एवं संकायों से आये हुए शिक्षकों तथा छात्रों का आभार जताया।
कार्यक्रम के अंत में विभाग के सहायक आचार्य राम प्रकाश तिवारी, शैली शर्मा, तरुण जैन व कार्यशाला संयोजिका डॉ. प्रीति सिंह के द्वारा सभी अतिथियों को विश्वविद्यालय की ओर से उपहार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान नेचुरोपैथी, पत्रकारिता एवं जनसंचार, पॉलीटेक्निक, नर्सिंग, पैरामेडिकल और मैनेजमेंट कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने इस कार्यशाला में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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