अर्जुन देशवाल
नित्य संदेश, बहसूमा। डीपीएम पब्लिक स्कूल, बहसूमा में अष्टमी पूजन एवं दशहरा उत्सव अत्यंत धूमधाम और श्रद्धा-भक्ति के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में विभिन्न सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी कला एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कक्षा 5 के विद्यार्थियों ने रामायण का नाटक प्रस्तुत कर भगवान राम की विजय गाथा को जीवंत कर दिया। इसके साथ ही डांडिया डांस, मां काली का रुद्र नृत्य, और अन्य रंगारंग प्रस्तुतियाँ हुईं, जिन्होंने उपस्थित सभी दर्शकों को प्रभावित किया। कक्षा 2 के छात्र अनमोल त्यागी द्वारा प्रस्तुत मधुर भजन ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
विद्यालय के सचिव जगदीश त्यागी ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को न केवल हमारी संस्कृति और परंपराओं का ज्ञान होता है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का भी विकास होता है। उन्होंने कहा कि दशहरा हमें यह सिखाता है कि अंततः अच्छाई की ही विजय होती है।विद्यालय के प्रधानाचार्य जिया जैदी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की और सभी को अष्टमी एवं दशहरा की शुभकामनाएँ दीं।
इस सफल आयोजन में विद्यालय के सभी शिक्षकों का सराहनीय सहयोग रहा। कार्यक्रम की तैयारी पारुल वर्मा ने की, जबकि कार्यक्रम की रूपरेखा मुकुल त्यागी और मानसी दुब्लिश द्वारा तैयार की गई। इसके अतिरिक्त सभी अध्यापकों ने भी पूरे मनोयोग और समर्पण से सहयोग किया, जिसके परिणामस्वरूप कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा। दशहरा उत्सव का महत्व अच्छाई की जीत: भगवान श्रीराम की रावण पर विजय का प्रतीक। सांस्कृतिक विरासत: परंपराओं को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम।एकता और सद्भावना: समाज में मेल-जोल और भाईचारे को बढ़ावा देने वाला पर्व।
कार्यक्रम का समापन माता रानी की आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। विद्यालय का पूरा वातावरण उल्लास, भक्ति और सांस्कृतिक उत्साह से गूँज उठा
No comments:
Post a Comment