नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। आज इस धरती पर हम सब गर्व से सिर उठाकर खड़े हैं, क्योंकि अन्याय की जेल की सलाखें भी हमारे हौसले को कैद नहीं कर पाईं।
हमारे 22 वीर साथियों को जेल में डालकर भाजपा सरकार और उसकी अफसरशाही यह समझ रही थी कि गुर्जर समाज डर जाएगा, टूट जाएगा, चुप बैठ जाएगा। लेकिन याद रखो – गुर्जर खून में कभी डर नहीं रहा, हमारे इतिहास में सिर्फ संघर्ष और विजय लिखी है। यह तानाशाही पर प्रहार है। मैं यहां साफ कह देना चाहता हूँ – भाजपा सरकार ने बार-बार गुर्जर समाज का अपमान किया है। कभी महान सम्राट मिहिर भोज का नाम मिटाने की कोशिश, कभी गुर्जर समाज के आंदोलन को दबाने की साजिश, और अब हमारे मासूम नौजवानों को जेल में ठूंसकर डराने की चाल! लेकिन ये भूल गए कि गुर्जर समाज किसी की दया पर नहीं, अपने अधिकार और सम्मान पर जीता है। अब हमारी आवाज और बुलंद होगी। अब यह आंदोलन और तेज होगा।
हम भाजपा सरकार से साफ कह देना चाहते हैं – अगर हमारे 22 वीरों पर झूठे केस वापस नहीं लिए गए, अगर समाज के अपमान का हिसाब नहीं चुकाया गया, तो पश्चिम उत्तर प्रदेश की धरती पर इतिहास का सबसे बड़ा शांतिपूर्ण आंदोलन खड़ा किया जाएगा। याद रखो तानाशाहों की कुर्सी हिलती है जब जनता उठ खड़ी होती है। और जब गुर्जर उठ खड़ा होता है, तो इतिहास बदलता है।
आज का यह संघर्ष सिर्फ 22 युवाओं की रिहाई का नहीं है, यह हमारे आने वाली पीढ़ियों के सम्मान का संघर्ष है। हम कसम खाते हैं कि अब और अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा। हम संकल्प लेते हैं कि अपमान का जवाब आंदोलन से देंगे। हम एकजुट होकर इस तानाशाही सरकार को आईना दिखाएंगे।
प्रस्तुति
पवन गुर्जर
प्रदेश अध्यक्ष
भारतीय किसान यूनियन संघर्ष
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