नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अंग्रेज़ी विभाग
द्वारा एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ के सहयोग से आयोजित पाँच दिवसीय अल्पकालिक कार्यक्रम शोध पद्धति का
रविवार को समापन हुआ।
अंतिम दिन की पहली संगोष्ठी में प्रो. श्रवण कुमार शर्मा (विज़िटिंग प्रोफ़ेसर, नालंदा विश्वविद्यालय) ने भारतीय ज्ञान परंपरा और उसके उपकरणों के माध्यम से शोध रिपोर्ट लेखन पर व्याख्यान दिया। प्रो. बीरपाल सिंह (निदेशक, शोध, सीसीएसयू) ने शोध और प्रकाशन नैतिकता, साहित्यिक चोरी (प्लेज़रिज़्म) तथा बौद्धिक संपदा अधिकार (कढफ) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन किया। समापन सत्र में प्रो. संजीव कुमार शर्मा (निदेशक, अकादमिक, सीसीएसयू) ने श्रेष्ठ शोध के मूलभूत सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए शोधार्थियों से ईमानदारी और नैतिकता को शोध कार्य की नींव बनाने का आह्वान किया।
आयोजन में प्रो. एबी गुप्ता
(एनआईटीटीटीआर) ने पाँच दिवसीय कार्यक्रम की रिपोर्ट पढ़ते हुए विश्वविद्यालय एवं
प्रतिभागियों की सराहना की। प्रो. रविन्द्र कुमार (संयोजक) ने धन्यवाद ज्ञापन
दिया। डॉ. विजेता गौतम (समन्वयक), सह-समन्वयक डॉ. भावना सिंह एवं डॉ. निधि गुप्ता का योगदान उल्लेखनीय रहा। वहीं
डॉ. वर्षा, आनंदिता दास, गौतम बाला, आशीष विमल, प्रिया, शीबा, पलक, डॉ. वीर
सिंह आदि ने कार्यक्रम के संचालन में सक्रिय सहयोग किया।

No comments:
Post a Comment