-सुरक्षा के मद्देनजर 2550 पुलिसकर्मियों की लगाई ड्यूटी, आज मनाया जाएगा बहनों का पर्व
लियाकत मंसूरी
नित्य संदेश, मेरठ। रक्षाबंधन का त्यौहार 09 अगस्त को मनाया जाएगा। इस अवसर पर बहनें अपने भाइयों को राखी बांधती है। भाई भी बहनों को उपहार आदि देते हैं। इसके लिए बहनें अपने भाइयों के पास जाती है।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि इस अवसर
पर कतिपय स्थानों पर स्थानीय मेले आदि परम्परागत तौर पर आयोजित किए जाते हैं, जिस कारण रक्षाबंधन पर सड़कों पर भारी संख्या में
यातायात रहता है, जिससे जाम, दुर्घटना
होने की स्थिति उत्पन्न होने की सम्भावना रहती है। रक्षाबंधन पर सुरक्षा
व्यवस्था के दृष्टिगत मेरठ परिक्षेत्र में पुलिस प्रबन्ध किए गए हैं। त्यौहार के सकुशल आयोजन एवं सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत व्यापक इन्तजाम
करने के लिए परिक्षेत्र के जनपद प्रभारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं।
ड्यूटी में लगाया
गया पुलिस बल
▪ ड्यूटी में 2550 पुलिसकर्मियों का बल लगाया गया है। कानून व्यवस्था के
दृष्टिगत परिक्षेत्र के जनपदों में 05 अपर पुलिस अधीक्षक, 24 सीओ, 77 निरीक्षक, 568 उप निरीक्षक, 747 मु.आ., 812 आरक्षी, 317 होमगार्ड/पीआरडी एवं 01 कम्पनी पीएसी की
ड्यूटी लगाई गई हैं।
▪ परिक्षेत्रीय जनपदों में कुल 83 एन्टी रोमियो स्कवॉड, जिनमें मेरठ में 32, बुलन्दशहर में 28, बागपत में 12 व हापुड़ में 11 स्कवॉड सक्रिय हैं।
▪ आयोजित होने वाले मेलों की संख्या-10, जिसमें जनपद मेरठ में 05 व जनपद हापुड़ में 05 मेलों का
आजोजन होना प्रस्तावित है।
▪ परिक्षेत्र की सभी
जनपदीय पुलिस द्वारा पीस कमेटी, धर्म गुरु,
शांति समिति, संभ्रान्त व्यक्तियों के साथ 109, अन्य विभाग जैसे नगर
निगम, स्वास्थय, विद्युत विभाग आदि के
साथ 105 गोष्ठियां आयोजित कर
ली गई हैं।
जनपद के अधिकारियों
को दिए दिशा-निर्देश
➡ रक्षाबन्धन पर्व के कुछ
दिन पूर्व से ही बाजार रक्षा सूत्रों एवं मिठाइयों की
बिक्री के लिए देर रात्रि तक खुले रहते हैं, जिससे बाजारों एवं
आवागमन के रास्तों में महिलाओं की अधिक भीड़ होने के कारण छेड़-छाड़, चेन स्नैचिंग, लूट आदि की घटनाओं के
घटित होने की आशंका बढ़ जाती है, जिसके दृष्टिगत समुचित पुलिस प्रबन्ध कर विशेष सतर्कता बरती जाए।
➡ गुण्डा दमन दल एवं
एन्टी रोमियो स्क्वायड को क्रियाशील किया जाए, जो जेब कतरों, चोर, चेन स्नेचर, मनचलों पर कार्रवाई करते रहे।
➡ इस पर्व को पारिवारिक
सदस्यों के साथ मनाए जाने की परम्परा है। इस भावना से लोगों के जनपदों के अन्दर
तथा जनपदों के बाहर आने-जाने के कारण आवागमन के साधनों यथा रेल, बस स्टेशनों पर काफी भीड़ रहती है। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस
प्रबन्ध किए गए।
➡ स्थानीय रोडवेज
अधिकारियों, बस, टैक्सी
यूनियन के पदाधिकारियों आदि से वार्ता कर आने-जाने के लिए समुचित
मात्रा में वाहन उपलब्ध रहने के लिए प्रभावी कार्यवाही कर ली
जाए।
➡ रेलवे स्टेशनों, बस
स्टेशनों तथा जनपद स्थित हाईवे, मुख्य मार्गों, सम्पर्क मार्गा पर सुरक्षा के समुचित पुलिस प्रबंध कराना सुनिश्चित करें।
➡ इस अवसर पर बड़ी संख्या
में लोग मोटरसाइकिल एवं अन्य निजी वाहनों से आवागमन करते हैं, जिससे सड़क दुर्घटना
होने की सम्भावना रहती है। जिन मार्गों से अधिक संख्या में वाहनों के आवागमन की
सम्भावना हो उन मार्गा को चिन्हित कर समुचित यातायात एवं सुरक्षा प्रबन्ध किए जाए, जिससे कोई दुर्घटना
घटित न होने पाए।
➡ दोपहर बाद सार्वजनिक
स्थानों तथा बाजार, मॉल्स, पार्क आदि में लोगों की
भीड़ बढ़ जाती है। इन स्थानों के आस-पास सघन तलाशी अभियान चलाया जाए।
अवांछनीय एवं संदिग्ध वाहनों, व्यक्तियों व लावारिस वस्तुओं
की एण्टी सेबोटाज चेक टीम से चेकिंग भी करायी जाए।
➡ मिश्रित आबादी वाले
क्षेत्रों में पुलिस पिकेट की व्यवस्था की जाए, ताकि असामाजिक तत्वों
द्वारा छींटा-कशी एवं छेड़-छाड़ तथा अन्य कोई घटना न कारित की जा सके।
➡ इस अवसर पर कतिपय
स्थानों पर शोभायात्रा, मेला, सामूहिक आयोजन, दंगल आदि का आयोजन किया
जाता है। ऐसे समस्त कार्यक्रमों में आने वाली भीड़ व सुरक्षा के दृष्टिगत सूचीबद्ध
करते हुए प्रभावी पुलिस प्रबन्ध व सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए।
➡ अराजक एवं समाज विरोधी
तत्वों को पूर्व से ही चिन्हित कर उन पर सतर्क दृष्टि रखी जाए एवं
उनके विरूद्ध पर्याप्त निरोधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
➡ सार्वजनिक, भीड़
वाले स्थानों पर बालिकाओं, महिलाओं के साथ छेड़खानी की
सम्भावना बढ़ जाती है, जिसके दृष्टिगत सादे वस्त्रों में महिला पुलिस कार्मिकों तथा
एण्टी रोमियो स्क्वायड की भी ड्यूटी लगायी जाए।
➡ स्थानीय स्तर पर आयोजित
होने वाले कार्यक्रमों, मेलों आदि की जानकारी कर आयोजनकर्ताओं के साथ वार्ता, गोष्ठी कर कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सक्रिय सहयोग प्राप्त करते हुए सुरक्षा के समुचित पुलिस प्रबंध कराना
सुनिश्चित करें। गोष्ठी के दौरान आयोजनकर्ताओं द्वारा दिए गए सुझावों का स्थानीय
परिस्थिति के अनुसार आंकलन कर नियमानुसार निराकरण करा लिया जाए।
➡ थाना प्रभारी स्वयं भ्रमणशील रहकर प्रत्येक छोटी से छोटी सूचना को गम्भीरता से
लेकर तत्परता से कार्यवाही करें, ताकि कोई छोटी से छोटी घटना बड़ा रूप न ले सके।
➡ जनपदीय अभिसूचना तन्त्र
को और अधिक सक्रिय एवं सतर्क कर दिया जाए। असामाजिक, अवांछनीय एवं
साम्प्रदायिक तत्वों की गतिविधियों पर विशेष रूप से कड़ी नजर रखी जाए।
➡ जनपदीय नियंत्रण कक्ष
तथा सोशल मीडिया सेल को सक्रिय व सतर्क कर दिया जाए तथा
अफवाह, भ्रामक सूचना प्रसारित करने वाले असामाजिक तत्वों के
विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जाए। इस प्रकार की भ्रामक सूचनाओं
का तत्काल खण्डन किया जाए। किसी भी छोटी से छोटी घटना,
सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर तत्काल अपेक्षित कार्यवाही
सुनिश्चित की जाए।
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