विश्वास राणा
नित्य संदेश, गजरौला। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित वैंकटेश्वरा संस्थान के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की ओर से 10 से 17 मार्च तक आयोजित किए गए ‘कृषि संगोष्ठी एवं शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम’ का शानदार समापन हो गया।
इस सात
दिवसीय शैक्षणिक दौरे में संस्थान के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं ने भारतीय कृषि अनुसंधान
पूसा नयी दिल्ली, सरदार पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ, जीबी पन्त कृषि विश्वविद्यालय
पंतनगर समेत देश के आधा दर्जन केन्द्रीय कृषि संस्थानों / विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक
भ्रमण करते हुए कृषि संगोष्ठियों में प्रतिभाग कर देश के किसानों की आय दुगुनी करने
के तरीकों पर मंथन करते हुए उन्नत कृषि के दम पर ही भारत को तेजी से दुनिया की सबसे
बड़ी अर्थव्यवस्था बनने एवं विकसित भारत के सपने को साकार करने की बात वकालत की। इस
अवसर पर संस्थापक अध्यक्ष डा. सुधीर गिरि ने कृषि को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते
हुए इसे बढ़ते भारत का भविष्य बताया।
इस सात
दिवसीय ‘कृषि संगोष्ठी प्रतिभाग एवं शैक्षणिक भ्रमण’ के बारे में विस्तार से बताते
हुए विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति एवं मुख्य प्रवक्ता डा. राजीव त्यागी ने बताया
कि वैंकटेश्वरा स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के चार सौ अधिक छात्र-छात्राओं ने इस सात दिवसीय
“शैक्षणिक भ्रमण एवं कृषि संगोष्ठी प्रतिभाग कार्यक्रम” में देश के शीर्ष आधा दर्जन
केन्द्रीय कृषि संस्थानों का दौरा कर भारतीय किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर मंथन
किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डा.) कृष्णकांत दवे, डीन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर प्रो.
(डा.) तेजपाल सिंह, डा. सीपी सिंह, डा. शेषनाथ मिश्रा, डा. विनय कुमार सिंह, डा. ज्योति
सिंह, डा. माता प्रसाद, डा. लक्ष्मी कान्त, डा. अभिषेक कुमार सिंह, डा. बृजकिशोर, डा.
वरुण त्रिपाठी, कौशल कुमार, उदित तिवारी एवं मेरठ परिसर निदेशक डा. प्रताप सिंह एवं
मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि उपस्थित रहे।
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