नित्य संदेश ब्यूरो
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के केन्द्रीय पदाधिकारियों की लखनऊ में हुई बैठक में
बिजली के निजीकरण के विरोध में आगामी 09 अप्रैल को लखनऊ में प्रान्तव्यापी
रैली करने का निर्णय लिया गया। इसके पूर्व 24 मार्च को मेरठ में और 27 मार्च को कानपुर में बिजली महापंचायत आयोजित की जायेगी। 10 मार्च को शक्तिभवन सहित समस्त जनपदों एवं परियोजनाओं पर
व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। 11 मार्च से प्रदेश के समस्त जनपदों
में विरोध प्रदर्शन के साथ जनप्रतिधिनियों को ज्ञापन दो अभियान प्रारम्भ होगा।
संघर्ष
समिति के केन्द्रीय पदाधिकारियों की बैठक लखनऊ में संपन्न हुई। संघर्ष समिति ने
एक प्रस्ताव पारित कर यह कहा है कि पावर कारपोरेशन प्रबन्धन निजीकरण को अंजाम देने
के लिए इतना उतावला है कि वह अत्यधिक अल्प वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों की
बड़े पैमाने पर छंटनी करने पर उतारू हो गया है। इलेक्ट्रिसिटी रिफॉर्म एक्ट 1999 और ट्रांसफर स्कीम 2000 का उल्लंघन करते हुए नियमित
कर्मचारियों के यहाँ मीटर लगाने के एकतरफा आदेश कर दिये गये हैं। संघर्ष समिति ने
कहा कि मार्च के महीने में बिजली कर्मी अधिकतम राजस्व वसूली के अभियान में लगे हुए
हैं किन्तु पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन निजीकरण के साथ संविदा कर्मियों को निकालने और
बिजली कर्मियों के यहां मीटर लगाने के नाम पर अनावश्यक तौर पर औद्योगिक अशान्ति का
वातावरण बना रहा है।

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