साहित्य और संस्कृति की गहरी समझ विकसित
करता है पुस्तक मेला
अनम शेरवानी
नित्य संदेश, नई दिल्ली। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों ने प्रगति मैदान नई दिल्ली में चल
रहे विश्व पुस्तक मेले का भ्रमण किया। इस मौके पर विद्यार्थियों ने पुस्तक मेले में
सभी स्टाल को देखा और उनको सराहा। सभी विषयों की नवीनतम पुस्तकों को देखना उनके लिए
एक आश्चर्य भी था।
जनसंचार और पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष
प्रोफे. (डॉ) सुभाष चंद्र थलेडी ने बताया कि विश्व पुस्तक मेले में जाने से पत्रकारिता
और जनसंचार के छात्रों को विश्व पुस्तक मेले में एक ही जगह पर विभिन्न विषयों पर पुस्तकें और सामग्री उपलब्ध होती
है, जिससे छात्रों को अपने क्षेत्र में ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलता है। प्राध्यापक
राम प्रकाश तिवारी ने इस अवसर पर बताया कि विश्व पुस्तक मेले से पत्रकारिता के छात्रों
को अपने व्यक्तिगत विकास के लिए नए अवसरों और चुनौतियों का सामना करने का अवसर मिलता
है। इस अवसर पर शिकेब मजीद समेत विद्यार्थीगण मौजूद थे।
छात्रों का कहना है कि यह पुस्तक मेला
असाधारण है, जहां विद्यार्थियों को सिर्फ-और-सिर्फ
पुस्तकें देखने को मिलती है। बीएजेएमसी के छात्र हरसुल शर्मा का कहना था कि विश्व पुस्तक
मेला विद्यार्थियों को एक नई दृष्टि और दिशा देता है। इससे छात्रों को अकूत ज्ञान मिलता
है। छात्रा भूमि आर्य का कहना है कि ऐसे आयोजनों को देखकर उन्हीं खुशी मिलती है और
लिखने तथा पढ़ने की प्रेरणा मिलती है। प्रथम वर्ष की छात्रा भावना सिंह ने कहा कि विश्व
पुस्तक मेला देखना उनके लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे उन्हें विशेषकर लिखने की
प्रेरणा मिली है और भविष्य में इस ओर अपना ध्यान दूंगी। वहीं, छात्र आलोक कुमार का
कहना था कि मेले में नामचीन लेखकों और साहित्यकारों को देखना बहुत अच्छा लगा। छात्रा
गरिमा पांडेय और मनीषा कुमारी ने कहा कि विश्व पुस्तके मेले के आयोजन में सभी को जाना चाहिए। उन्होंने हर साल होने वाले इस
आयोजन को सराहा।
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