सपना साहू/अनम शेरवानी
सागर/मेरठ. 5 दिवसीय 38वें सेंट्रल जोन युवा महोत्सव 'गौर गौरव उत्सव' में स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इस 38वें सेंट्रल जोन युवा महोत्सव का आयोजन सांस्कृतिक मंत्रालय के तत्वावधान में डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय के द्वारा आयोजित किया गया। जिसमें एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी के मध्य क्षेत्र युवा महोत्सव में उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के तकरीबन 33 विश्वविद्यालयों ने प्रतिभाग किया। जिसमें सभी विश्वविद्यालय से आये प्रतिभागियों ने आर्श्चयचकित करने देने वाली अपनी अद्भूत कला का प्रदर्शन किया। सभी विश्वविद्यालय से आये प्रतिभागियों के मध्य होने वाली प्रतियोगिता में स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने 28 में से 16 विद्याओं पर अपना परचम फ़हराया। जिसमें विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओ ने सेंट्रल जोन युवा महोत्सव के सभी विधाओं जिसमें गायन, वादन, नृत्य, ललित कला, नाट्य व साहित्य की सभी विधाओं में प्रतिभागिता किया। सेंट्रल जोन युवा उत्सव प्रतियोगिता में सुभारती विश्वविद्यालय के सभी महाविद्यालयों व विभाग के छात्र-छात्राओ ने प्रतिभागिता की। इन विधाओं में विजयी रहें छात्र-छात्राओं का मुकाबला अब राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता में देश के हर क्षेत्र से आने वाले प्रतिभागियों से रहेगा।
38वें सेंट्रल जोन युवा उत्सव में अधिकतर विधाओं में सफलता प्राप्त करने पर विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ.जी. के. थपलियाल ने सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सुभारती विश्वविद्यालय के विद्यार्थी देश का गौरव है। विश्वविद्यालय का यही प्रयास है, कि प्रत्येक छात्र प्रतिभावान बन कर देशहित में अपनी योग्यता से उत्कृष्ट कार्य करें।
सीईओ डॉ. शल्या राज ने भी सभी छात्र-छात्राओं को बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की। ललित कला संकाय प्राचार्य डॉ. पिन्टू मिश्रा ने भी विजयी छात्र - छात्राओं व समस्त टीम को बधाई दी। विश्वविद्याल सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की अध्यक्ष एवं रंग-मंच कला विभाग की प्रमुख डॉ.भावना ग्रोवर ने 38 वें अखिल भारतीय राष्ट्रीय युवा महोत्सव में विजयी छात्र-छात्राओं की रिपोर्ट कुलपति को सौंपी एवं सभी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
इस प्रतियोगिता के दल प्रमुख ललित कला विभाग के सह- आर्चाय लक्की त्यागी, कृष्ण के कुंडारा एवं रंग-मंच कला विभाग की सह आर्चाय निशी चौहान रहे। रंगमंच कला के लय व ताल प्राण मेहराज़ खाँ, फरदीन खाँ की इस प्रतियोगिता में अहम भूमिका रही।
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