नित्य संदेश ब्यूरो
नोएडा। हेरिटेज
एक्सपेरिएंशियल लर्निंग स्कूल नोएडा ने 9 एवं 10 नवम्बर को अपने नोएडा परिसर में रोबोकप जुनियर नोर्थ
ज़ोन प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस प्रेरणादायी दो दिवसीय आयोजन में रोबोटिक्स से
प्रतिभाशाली छात्रों ने हिस्सा लिया। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के 32 स्कूलों से 240 छात्रों एवं 40 से अधिक मेंटर्स ने 73 टीमों का प्रतिनिधित्व
किया। कार्यक्रम के दौरान इनोवेशन और लर्निंग का अनूठा संयोजन देखने को मिला, जहां आज की पीढ़ी के
छात्रों ने टेक्नोलॉजी में
अपने कौशल एवं रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का आयोजन रोबोकप जुनियर
नोर्थ ज़ोन आयोजन समिति विवेक गौतम द्वारा किया गया, स्कूल के लिए सरान्य
सुब्रमयण्म ने इसका समन्वयन किया। इस अवसर पर शाहीन शाफी (प्रिंसिपल, एचएक्सएलएस नोएडा), डेविड प्रकाश (रोबो कप चेयरमैन), शांतनु
गुप्ता, (प्रख्यात लेखक एवं
राजनीतिक समीक्षक), चिन्मय सक्सेना, (वेंचर कैपिटलिस्ट एवं कम्युनिटी स्ट्रैटेजिस्ट) तथा प्राची अग्रवाल (हैड ऑफ कॉर्पोरेट
स्ट्रैटेजी एण्ड बिज़नेस सेल्स, एचसीएल टेक जापान) मौजूद गणमान्य अतिथियों में शामिल थे।
शाहीन शाफी ने कहा रोबोकप
जुनियर का उद्देश्य छात्रों को व्यवहारिक लर्निंग के माध्यम से रोबोटिक्स और स्टैम
फील्ड से परिचित कराना है। रोबोकप जुनियर जैसी प्रतियोगिताएं छात्रों में समस्या
निवारण, रचनात्मकता और आपसी सहयोग
को बढ़ावा देती हैं। उन्हें ऐसे रोबोट्स की डिज़ाइनिंग, निर्माण एवं प्रोग्रामिंग
के लिए तैयार करती हैं, जो
मौजूदा दौर की मुश्किल समस्याओं को हल करने और दिए गए कार्यों को पूरा करने में
सक्षम हों। इस साल के प्रतिभागियों ने असाधारण कौशल एवं जुनून का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम ने टेक्नोलाॅजी एवं इनोवेशन में भावी करियर को प्रोत्साहित किया।
प्रतियोगिता के समापन के साथ छात्रों में एस.टी.ई.ए.एम के प्रति अधिक उत्साह दिखाई
दिया, उनमें रोबोटिक्स के प्रति
समझ विकसित हुई, और टीम
में काम करने का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ। हमें उम्मीद है कि हम आने वाले समय में
भी इस तरह के शैक्षणिक प्य्रासों को समर्थन प्रदान करते रहेंगे, जो युवाओं को सक्षम बनाकर
उनमें आजीवन लर्निंग का उत्साह उत्पन्न करते रहें।
रोबोकप जुनियर का
उद्देश्य युवा लर्नर्स को विभिन्न कैटेगरीज़ जैसे रेस्क्यू मेज़, सॉकर और रेस्क्यू
लाईन के लिए रोबोट्स के डिज़ाइन, निर्माण एवं प्रोग्रामियों के लिए प्रेरित करना है।
इन व्यवहारिक अनुभवों के माध्यम से प्रतिभागियों में रचनात्मक विचार, समस्या निवारण और टीमवर्क
कौशल के बारे में समझने का मौका मिला। इस आयोजन के द्वारा स्कूल ने समावेशी एवं
छात्रों के अनुकूल वातावरण के निर्माण की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है, जो उनमें उत्सुकता, रचनात्मकता को बढ़ावा देता
है। हम छात्रों को व्यवहारिक लर्निंग एवं बहु-आयामी अध्ययनों के द्वारा सक्षम
बनाते हैं। उनमें नैतिक नेतृत्व के विकास पर ध्यान केन्द्रित करते हैं, ताकि वे आगे चलकर 21वीं सदी की चुनौतियों को
हल करने के लिए तैयार हो सकें।
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