अनम शेरवानी
नित्य संदेश, मेरठ। स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय के लाइब्रेरी एण्ड इनफोरमेशन साइंस डिपार्टमेंट द्वारा स्कोपस साइटेशन डाटाबेस पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें स्कोपस डाटाबेस के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। स्कोपस साइटेशन डाटाबेस शोधकर्ताओं, छात्र व शिक्षाविदों द्वारा अपने शोध के लिए विश्वसनीय स्त्रोतों को खोजनें और संदर्भित करने के लिए उपयोग किया जाता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन व विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर त्यागी ने कहा कि इस स्कोपस साइटेशन डाटाबेस का उपयोग साइटेशन को ट्रैक करने, शोध की प्रमाणिकता और गुणवत्ता को जांचने व अन्य शोध कार्यो को समझने के लिए किया जाता है। स्कोपस में लाखों जर्नल्स, आर्टिकल्स बुक्स और कॉन्फ्रेंस पेपर शमिल है स्कोपस का उपयोग विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों द्वारा शोध की गुणवत्ता और प्रभाव का आंकलन करने के लिए किया जाता है। स्कोपस एक अंतर्राष्ट्रीय डाटाबेस है जो शोधकर्ताओं के लिए आज एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म बन गया है।
रिसार्स पर्सन, ऐश्वर्या नायल, (कस्टमर सक्सेस मेनेजर, एल्सेवियर इंडिया दिल्ली ) ने स्कोपस पर दिये गये अपने व्याख्यान में विस्तारपूर्वक बताया कि स्कोपस एक व्यापक और प्रतिश्ठित साइटेशन डाटाबेस है जिसमें लाखों जर्नल आर्टिकल्स, बुक्स और कॉन्फ्रेंस पेपर शामिल है इसे एल्सेवियर द्वारा प्रंबधित किया जाता है जो कि विज्ञान प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, सामाजिक विज्ञान, और मानविकी जैसे अनेकों शैक्षणिक क्षेत्रों को कवर करता है। स्कोपस टै्रक करता है कि कौन से लेखों को कितनी बार और किन स्त्रोतों में संदर्भित किया गया है आज के समय में इसके आधार पर शोध संस्थानों और विश्वविद्यालयों की वैश्विक रैकिंग तैयार की जाती है स्कोपस में केवल समीक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले जर्नल ही शामिल किए जाते है यह विभिन्न देशों और भाशाओं के शोधकर्ताओं के बीच सहयोग और ज्ञान का आदान प्रदान बढ़ाता है स्कोपस अब डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कर उपयोग करता है ताकि शोध ट्रेंड्स का विश्लेशण किया जा सके व उभरते शोध क्षेत्रों की पहचान की जा सके व शोधकर्ताओं के प्रगति का मापन किया जा सकें। इस अवसर पर विभाग के समक्ष शिक्षकगण डॉ0 जावेद खान, डॉ0 सपना शर्मा, डॉ0 आरती आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ0 रफत खानम द्वारा किया गया विभिन्न विभागों से आये शिक्षकों व विधार्थियों ने इस कार्यशाला में सहभाग किया तथा प्रदत्त जानकारियों को जानने में अपनी रूचि दिखाई व गंभीरता पूर्वक सुना व रिर्सास पर्सन के समक्ष अपने सभी प्रश्नों व जिज्ञासाओं के समाधान हेतु प्रस्तुत किया सभी ने कार्यक्रम को अत्यन्त सराहा। कुल मिलाकर कार्यक्रम अपने आयोजन के उद्देश्य में पूरी तरह सफल रहा।
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