नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। काफला-ए-गम कमेटी की जानिब से सैक्टर 4 शास्त्री नगर स्थित शाहजलाल हाल में मजलिस ग़म-ए-हुसैन व शौहदायें करबला में सुप्रसिद्ध आलिम मौलाना सैयद रेहान हैदर जै़दी ने खिताब करते हुए असीराने करबला की कैद से रिहाई व दर्द भरी मुसीबतें ब्यां की।
उन्होने कहा कि इमाम ज़ैनुल आबैदीन और हज़रत ज़ैनब ने हजरत इमाम हुसैन व शौहदायें करबला की शहादत और यजीद के जुल्मों सितम को दुनिया के सामने उजागर करके यह पैगाम दिया कि हक और इन्साफ की आवाज को कोई ताकत नहीं दबा सकता है, आखिर में सच्चाई और इन्सानियत के उसूलों की फतेह होती है। मजलिस का आगाज अली हसन ने तिलावत-ए-कलामे पाक से किया। सौज़ख्वानी सुहेल काज़मी व अनवार अली जै़दी ने पुरसौज अन्दाज़ में की। अल्हाज शाह अब्बास सफवी ‘फराज़’ मेरठी, जावेद रज़ा, कौसर रज़ा, सखी हैदर जै़न रिज़वी ने सलामे अकीदत पेश किया।
मजलिस के बाद अली फात्मा मंजिल के सामने पार्क से काफला-ए-गम रंजोअलम के माहौल में बरामद हुआ जिसमें सबसे पहले निशानेफतेह उठाया गया, कर्बला ईराक से आये परचम-ए-अब्बास, के साये में हुसैनी सोगवारों ने मुल्क व कौम की तरक्की, खुशहाली और अमन चैन की दुआ की गयी। इसके बाद अलम-ए-मुबारक हजरत अब्बास, शबीह-ए-ताबूत हजरत इमाम हसन असकरी, झूला हजरत अली असगर, जुलजनाह बरामद हुए तो हुसैनी सौगवार अशकबार आंखों से ज़ियारत के लिये उमड़ पड़े।
कार्यक्रम के संयोजक अली हैदर रिजवी ने संचालन करते हुये कहा कि हमें मुल्क की जम्हूरियत पर नाज़ है, क्योंकि हर वर्ग को मज़हबी आजादी हासिल है। सभी देशवासी आपस में भाई हैं उन्होने मोहर्रम कार्यक्रमों में समुचित प्रशासनिक व्यवस्था के लिये जिला प्रशासन का शुक्रिया अदा किया।
जुलूस में जावेद रज़ा जै़दी, अयाज़ हुसैन जै़दी, अर्शी नकवी, शाह नवाज हुसैन जै़दी आदि ने दर्द भरे नौहे पढ़े और अंजुमन फौजे हुसैनी जै़दी फार्म, अंजुमन जुल्फिकार हैदरी लोहिया नगर अंजुमन पैगाम-ए-असगर सैक्टर-4 ने नौहेख्वानी व मातमपुर्सी की। शुऐब जै़दी की दुआ के साथ नौहेख्वानों ने अलविदाई नौहा पढ़ा। लब्बैक या हुसैन की सदाओं के बाद कार्यक्रम खत्म हो गया। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हुसैनी इन्कलाब व विभिन्न चैनलों ने किया, जिसे दुनिया में देखा गया।
इस दौरान बाकर नकवी, हाजी खुर्शीद जै़दी, मौ0 बाकिर जै़दी, हाजी अंजुम जै़दी, इकबाल रजा, हाजी शमशाद अली जै़दी, अरफात हैदर रिज़वी, गाज़ी हैदर, मासूम रज़ा, मज्जी भाई, मुज़फ्फर अली, तारिक अब्बास, मुसर्रत अली, सहित आसपास से आये बड़ी संख्या में हुसैनी सौगवार शरीक रहे, अंजुमन पैगाम-ए-असगर ने व्यवस्था सम्भाली
No comments:
Post a Comment