नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। भारत में फ्लिपकार्ट के द बिग बिलियन डेज को बहुत ही शानदार प्रतिक्रिया मिली है। टीबीबीडी के 13वें एडिशन के पहले घंटे में ही फ्लिपकार्ट पर एक मिनट में 6.3 मिलियन ग्राहकों ने विजिट करके देश में फेस्टिव शॉपिंग सीजन की शुरुआत कर दी। पहले घंटे में भारत के हर 15 ऑनलाईन शॉपर्स में से एक ने फ्लिपकार्ट पर विजिट किया।
टीबीबीडी के पहले घंटे में सामान्य दिनों के मुकाबले 6 गुना अधिक भारतीयों ने शॉपिंग की और नए ग्राहकों में 34 प्रतिशत वृद्धि हुई। फ्लिपकार्ट प्लस और ब्लैक मेंबर्स तथा फ्लिपकार्ट को-ब्रांड कार्ड मेंबर्स को टीबीबीडी की अरली एक्सेस मध्यरात्रि को 8 अक्टूबर शुरू होते ही मिल गई। पूरे भारत से ग्राहकों ने मोबाईल, इलेक्ट्रॉनिक्स, लार्ज अप्लायंसेज, ब्यूटी, लाईफस्टाईल और होम कैटेगरीज में शॉपिंग की, जिसमें शॉपिंग के 287 मिलियन से अधिक सत्र दर्ज हुए। टीबीबीडी के पहले घंटे ने प्रमाणित कर दिया कि भारत में फेस्टिव शॉपिंग कितनी फैल चुकी है और फ्लिपकार्ट देश के हर कोने में स्थित ग्राहकों तक सेवाएं पहुँचा रहा है।
फेस्टिव शॉपिंग में भारत का
रहा दबदबा
टीबीबीडी 2026
के लाईव होने के बाद कुछ ही घंटों में साफ हो गया कि मांग कहां से आ रही है। पहले
घंटे में विजिट करने वाले हर 2
में से एक ग्राहक टियर 3
और उससे छोटे शहरों से थे। लगभग 60
प्रतिशत मांग नॉन-मेट्रो
शहरों के ग्राहकों से मिली। सेल शुरू होते ही सबसे तेजी से बढ़ते हुए बाजारों में
सारदुलगढ़, पंसकुरा, शेखपुरा
और किशनगंज शामिल थे।
प्रीमियम और फ्लैगशिप
स्मार्टफोन की मांग भी काफी ज्यादा रही। किफायती पेशकशों ने मांग बढ़ाने में योगदान
दिया। हर 4
में से 1
ग्राहक ने प्रोडक्ट एक्सचेंज किया और हर 3 में से 1
ग्राहक ने नो-कॉस्ट
ईएमआई का विकल्प चुना। एंट्री लेवल के 5जी मॉडल, जो
पिछले साल की कीमतों पर ही उपलब्ध थे, ने भी जबरदस्त बिक्री दर्ज
की।
लार्ज अप्लायंसेज ने पहले घंटे साल-दर-साल 30 प्रतिशत की दर से बढ़ोत्तरी की। एसी, रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन की मांग काफी ज्यादा रही। टेबलेट 73 प्रतिशत सालाना दर से बढ़ीं, जिससे त्योहारों के दौरान पर्सनल टेक अपग्रेड की तीव्र इच्छा प्रदर्शित होती है। ब्यूटी में पहले घंटे में साल-दर-साल 42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। सबसे ज्यादा मांग मेन्स ग्रूमिंग और सेल्फ-केयर की रही। पीक बिजनेस के दौरान फ्लिपकार्ट पर हर मिनट मेन्स परफ्यूम की 1,600 यूनिट बिकीं, जिससे इस बात का स्पष्ट संकेत मिलता है कि पर्सनल केयर फेस्टिव बास्केट के लिए कितनी महत्वपूर्ण होती जा रही है।
फेस्टिव शॉपिंग और मिनटों
में डिलीवरी
फ्लिपकार्ट मिनट्स पर पहले घंटे में ऑर्डर वॉल्यूम सामान्य दिनों के मुकाबले 3.5 गुना ज्यादा रहा और नए ग्राहक 11 गुना बढ़े। दैनिक वस्तुओं की मांग के अलावा प्रीमियम इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रूमिंग और वियरेबल्स की भी काफी मांग दर्ज हुई। मेट्रो शहरों के बाहर मांग काफी मजबूत रही। शुरुआती चरण में मिनट्स पर टियर 2 प्लस शहर सबसे तेजी से बढ़ते हुए बाजारों में से एक थे।फ्लिपकार्ट मिनट्स ने अरली एक्सेस के दौरान नई दिल्ली में एक ग्राहक तक आईफोन 17 केवल 3.4 मिनट में पहुँचा दिया। अन्य लोकप्रिय खरीददारियों में एयरफ्रायर, लैपटॉप और एक्सटर्नल हार्ड ड्राईव शामिल थीं।
टीबीबीडी के दौरान भारतीयों
द्वारा डिस्कवरी और शॉपिंग का तरीका
अरली एक्सेस के दौरान कंटेंट
पर आधारित शॉपिंग काफी मजबूत रही। 1,000 घंटों से अधिक लाईव कॉमर्स
और 500,000
से अधिक शॉर्ट-फॉर्मेट
वीडियोज ने फ्लिपकार्ट के वीडियो और लाईव अनुभवों की ओर 12.7
मिलियन यूजर्स को आकर्षित किया। मेट्रो शहरों से बाहर वॉईस सर्च की ओर भी काफी
दिलचस्पी दर्ज हुई। टियर 2
प्लस शहरों के लगभग 64
प्रतिशत ग्राहकों ने वॉईस सर्च की। सबसे अधिक सर्च की जाने वाली कैटेगरीज में
लाईफस्टाईल और मेकअप प्रोडक्ट शामिल रहे।
फेस्टिव शॉपिंग के दौरान
सेल्फ-केयर
और पर्सनल स्टाईल की सबसे अधिक मांग जेन जी द्वारा दर्ज हुई। युवा शॉपर्स के बीच
ब्यूटी की मांग 48
प्रतिशत और वॉच की मांग 42
प्रतिशत बढ़ी। स्नीकर्स,
परफ्यूम, स्किनकेयर, क्रिएटिन
और जीन्स फैशन एवं पर्सनल केयर में सबसे अधिक सर्च किए गए आईटम्स थे।
सेलर्स और एमएसएमई को मिला
अरली मोमेंटम
टीबीबीडी भारत के सेलर
ईकोसिस्टम का विकास कर रहा है। अरली एक्सेस के दिन बिक्री करने वाले 51
प्रतिशत सेलर्स ने सामान्य दिनों के मुकाबले 2 गुना वृद्धि दर्ज की। टियर 2
प्लस शहरों के सेलर,
जिनमें
एमएसएमई और छोटे बिजनेस शामिल हैं, ने 2.9
गुना वृद्धि की। सबसे अधिक तेजी भिवांडी, पानीपत, तिरुपुर
और हिसार में दर्ज हुई।
टीबीबीडी के शुरुआती घंटे एक
ही कहानी बयां करते हैंः फेस्टिव शॉपिंग करने वाला भारत जल्दी शॉपिंग करता है, किफायती
शॉपिंग करता है और देश के हर कोने से शॉपिंग करता है। टीबीबीडी का 13वां
एडिशन अब तक के सबसे ज्यादा विस्तृत और आबादी के हिसाब से सबसे अधिक समावेशी एडिशन
के रूप में शुरू हुआ।


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