नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग की ओर से “ललित कला शिक्षा में एआई : रचनात्मकता, शिक्षण एवं अधिगम में परिवर्तन”विषय पर एक दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कला शिक्षा में एआई के उपयोग और रचनात्मक प्रयोगों पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य एवं डीन प्रो. (डॉ.) पिंटू मिश्रा, विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) पूजा गुप्ता सहित संकाय सदस्यों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। स्वागत संबोधन में डॉ. अंशु श्रीवास्तव ने शिक्षकों के लिए एआई आधारित उपकरणों के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग को समय की आवश्यकता बताया। मुख्य वक्ता एवं कला शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. राकेश कुमार चौधरी ने कहा कि जनरेटिव एआई कलात्मक विचारों के विकास, दृश्यांकन और शिक्षण को प्रभावी बनाने में सहायक हो सकता है। हालांकि, मानवीय रचनात्मकता, मौलिकता और कलात्मक निर्णय को केंद्र में रखना जरूरी है।
व्यावहारिक सत्र में विश्वविद्यालय के सहायक प्रबंधक (मार्केटिंग एवं संचार) श्री जतिन ने एआई आधारित रचनात्मक उपकरणों का प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने दृश्य संदर्भ तैयार करने, कला शैलियों के साथ प्रयोग करने और प्रभावी प्रॉम्प्ट तैयार करने का अभ्यास किया। पाठ योजना एवं डिजिटल शिक्षण संसाधन तैयार करने में एआई के उपयोग पर भी चर्चा हुई। समापन सत्र में प्रतिभागियों ने शिक्षण, शोध और रचनात्मक अभ्यास में एआई के उपयोग की रणनीतियां साझा की। प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र वितरित किए गए


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