हिंदी केवल भाषा नहीं, भारतीय संस्कृति और संवेदनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति : प्रो. सुधीर त्यागी
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय के कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के भाषा विभाग की ओर से हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में 8 से 14 सितंबर तक ‘हिंदी सप्ताह-2026’ का आयोजन किया गया। सप्ताह भर चले इस आयोजन में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न साहित्यिक, रचनात्मक एवं बौद्धिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, स्वरचित काव्य-पाठ, निबंध लेखन और वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
‘हिंदी सप्ताह-2026’ का उद्देश्य विद्यार्थियों को हिंदी भाषा एवं साहित्य के साथ भारतीय संस्कृति और समकालीन तकनीकी संदर्भों से जोड़ना रहा। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों की सृजनात्मकता, अभिव्यक्ति-कौशल और तार्किक चिंतन को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को जीवंत बना दिया। 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के भाषा विभाग तथा महर्षि अरविन्द सुभारती कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथी एवं योगिक साइंसेज के संयुक्त सहयोग से विशेष हिंदी दिवस समारोह आयोजित किया गया। समारोह के दौरान हिंदी सप्ताह के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
समारोह का विशेष आकर्षण विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत विभिन्न नृत्य एवं नाट्य प्रस्तुतियां रहीं। हिंदी भाषा, भारतीय संस्कृति और सामाजिक सरोकारों पर आधारित इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में तृप्ति मित्तल, ज्योति, याशिका, अनुष्का, फेबियन, वनिका, स्वाति, वाणी, किम, रिया, महक एवं जयश्री ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से हिंदी की सांस्कृतिक विविधता और समृद्ध परंपरा को जीवंत रूप में मंच पर उतारा।
समारोह में कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सुधीर त्यागी ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने हिंदी को भारतीय संस्कृति, संवेदना और राष्ट्रीय अस्मिता की सशक्त अभिव्यक्ति बताते हुए विद्यार्थियों को दैनिक जीवन एवं शैक्षणिक गतिविधियों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी है।
इस अवसर पर रिसर्च सेल के डीन प्रो. (डॉ.) वैभव गोयल भारतीय ने कहा कि हिंदी भारतीय ज्ञान, चिंतन और सांस्कृतिक विरासत की समृद्ध संवाहक भाषा है। उन्होंने कहा कि आज के तकनीकी और वैश्विक दौर में हिंदी की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है। विद्यार्थियों को हिंदी के साथ आधुनिक ज्ञान-विज्ञान एवं शोध को जोड़कर आगे बढ़ना चाहिए।
वही प्रो. (डॉ.) एस.सी. तिवारी ने अपने संदेश में कहा कि हिंदी हमारी भावनाओं, विचारों और भारतीय जीवन-मूल्यों को सहजता से अभिव्यक्त करने वाली भाषा है। उन्होंने कहा कि किसी भी भाषा की वास्तविक शक्ति उसके निरंतर प्रयोग और नई पीढ़ी से जुड़ाव में निहित होती है। विद्यार्थियों को हिंदी को केवल एक विषय के रूप में नहीं, बल्कि अपने विचारों और सृजनात्मक प्रतिभा की अभिव्यक्ति के प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में भाषा विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सीमा शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने हिंदी सप्ताह एवं हिंदी दिवस समारोह को सफल बनाने में सहयोग देने वाले विश्वविद्यालय प्रशासन, संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों तथा सहयोगी संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में प्रो. (डॉ.) पिंटू मिश्रा, डॉ. रफत खानम, डॉ. यशपाल, डॉ. मनीषा लूथरा, डॉ. स्वाति शर्मा, डॉ. आशीष कुमार, डॉ. प्रीति शर्मा, डॉ. निशी राघव, श्री अंकित कुमार, सुश्री सोनी चौहान, सुश्री भावना जोशी, डॉ. आकांक्षा सिंह, डॉ. विजय कांत शनवतिया एवं डॉ. शिप्रा सहित संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

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