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Friday, September 25, 2026

वीरता, त्याग और राष्ट्रप्रेम की गाथाओं से गूंजा सुभारती विश्वविद्यालय

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ: स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय एवं पंवार वाणी फाउंडेशन के संयुक्त तत्त्वावधान में मांगल्य प्रेक्षागृह में संगीतमय शौर्य गाथा ‘भारत गौरव गाथा’ का आयोजन किया गया। भारत के गौरवशाली इतिहास, वीरता, त्याग, बलिदान और राष्ट्रप्रेम को समर्पित इस प्रेरणादायी प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। गीत, संगीत और ओजपूर्ण प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय इतिहास के गौरवशाली प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।  


इस अवसर पर सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण, सुभारती विश्वविद्यालय के सम-कुलाधिपति मेज. जन. (डॉ.) जी.के.थपलियाल, एसएम(सेनि.), कुलपति प्रो.(डॉ.) विनय कुमार मित्तल, ओज एवं वीर रस के सुविख्यात कवि डॉ. हरिओम पंवार, बीहाइव ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के निदेशक अमित जोशी, सुभारती समूह की न्यासी अवनी कमल, भारत गौरव गाथा के संयोजक विवेक बाफर ने  संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सभी गणमान्य अतिथियों का पादप, अंगवस्त्र एवं प्रतिक चिह्न देकर स्वागत एवं सम्मान विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। इस दौरान सुभारती विश्वविद्यालय के कार्यकारी अधिकारी डॉ. कृष्णामूर्ति, कार्यक्रम आयोजन समिति के सलाहकार कर्नल राजेश त्यागी, एसएम(सेनि.), मुख्य संयोजक डॉ. मनोज कपिल, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी व कार्यक्रम के सहसंयोजक श्याम मोहन गुप्ता व सुमनेश सुमन आदि भी उपस्थित रहे।


इस संगीतमय शौर्य गाथा ‘भारत गौरव गाथा’ में भगवान राम, महाभारत काल, भगवान बुद्ध, और गुरु नानक देव सहित अनेक महान विभूतियों के योगदान को मंचीय प्रस्तुति के माध्यम से दर्शाया गया। इसके साथ ही महाराणा प्रताप, रानी लक्ष्मीबाई, भगत सिंह, वीर सावरकर और लाल-बाल-पाल जैसे महापुरुषों के संघर्ष, त्याग और राष्ट्र निर्माण में योगदान को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस नाट्य प्रस्तुति में मुगलकालीन अत्याचारों के विरुद्ध संघर्ष, गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों की शहादत, रानी चेनम्मा के साहस और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की गाथाओं को भी नाट्य रूप में मंचित किया गया। प्रस्तुति में भारत-पाक व भारत- चीन युद्धों, करगिल विजय, आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष, कश्मीर, बांग्लादेश, राम मंदिर निर्माण और ऑपरेशन सिंदूर जैसे विषयों को भी शामिल किया गया। तकरीबन 20 से 25 कलाकारों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने संगीत, नृत्य, अभिनय, प्रकाश एवं दृश्य प्रभावों के माध्यम से इन सभी प्रसंगों को मंच पर सजीव किया। इस ऐतिहासिक प्रस्तुति के दौरान दर्शकों ने लगातार तालियां बजाकर व भारत माता की जय, इंकलाब जिंदाबाद जैसे नारों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। ओज के कवि विनीत चौहान ने ‘भारत गौरव गाथा’ के प्रस्तुति में प्रदर्शित किया की भारत की धरती ने ऐसे वीरों, महापुरुषों और राष्ट्रनायकों को जन्म दिया, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। भारतीय इतिहास की गाथाएं त्याग, साहस और संघर्ष की प्रेरणा देती हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण ने 21 अक्टूबर को आयोजित होने वाले ‘अखंड भारत का स्वतंत्रता दिवस महापर्व’ के उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह महापर्व केवल एक सामान्य आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और युवा पीढ़ी में राष्ट्रीय मूल्यों के संवर्धन का व्यापक जन-जागरण अभियान है। डॉ. अतुल कृष्ण ने कहा कि 21 अक्टूबर को आयोजित होने वाला यह महापर्व भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय एकता और अखंड भारत की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि इतिहास और संस्कृति से जुड़कर ही युवा राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि वे इस महापर्व से अधिक से अधिक विद्यार्थियों और युवाओं को जोड़ें तथा प्रस्तावित जन-जागरण रैली को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से ही इस अभियान को व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है। साथ ही, यह आयोजन युवाओं में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करते हुए विकसित, आत्मनिर्भर और सांस्कृतिक रूप से सशक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इससे पूर्व सुभारती रक्षा अकादमी के निदेशक कर्नल राजेश त्यागी,एसएम (सेनि.) ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अदम्य साहस, त्याग, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति की भावना को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से सुभारती समूह के संस्थापक एवं प्रख्यात राष्ट्रवादी शिक्षाविद् डॉ. अतुल कृष्ण के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से मेरठ में ‘अखंड भारत के स्वतंत्रता दिवस 21 अक्टूबर का महापर्व’ व्यापक स्तर पर मनाया जा रहा है। इस अवस पर उन्होंने इस महापर्व में शामिल होने के लिए सभी को आंमत्रित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हम सभी को इस कार्यक्रम में अवश्य ही शामिल होना चाहिए।

‘भारत गौरव गाथा’ के संयोजक विवेक कुमार बाफर ने अपने संबोधन में कहा कि इस संगीतमय शौर्य गाथा का उद्देश्य भारतीय इतिहास के गौरवशाली अध्यायों, वीरता, त्याग, बलिदान और राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रभावशाली ढंग से नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। बता दें कि  ‘भारत गौरव गाथा’ की संगीतमयी नाट्य प्रतुति का निर्देशन डॉ. देशराज मीणा ने किया। उन्होंने संगीतमय प्रस्तुति को प्रभावशाली स्वरूप प्रदान करते हुए इतिहास के विभिन्न प्रेरणादायी प्रसंगों को मंच पर जीवंत किया। कार्यक्रम का सफल संचालन राम प्रकाश तिवारी ने किया।

इस अवसर पर ग्रुप कैप्टन एम.याकूब़, एम-इन-डी (सेनि.), डॉ. शशिराज तेवतिया, डॉ. रेनु मावी, डॉ. पिंटू मिश्रा, कर्नल असीम कुकरेजा(सेनि.), डॉ. सुधीर त्यागी, डॉ. भावना ग्रोवर, डॉ. सरताज अहमद, डॉ. श्वेता भारद्वाज, डॉ. एस.सी. तिवारी, इंजी.आकाश भटनागर, डॉ. निखिल राठी, डॉ. के.के.शर्मा, डॉ. इंद्रनील बोस,डॉ. प्रीति सिंह, समीर सिंह, डॉ. निशा सिंह आदि विभिन्न विभागों व संकायों के विद्यार्थियों के साथ मेरठ के गणमान्य व्यक्तियों, साहित्य प्रेमियों व बुद्धिजीवियों में शामिल परवेज़ बशीर, सरदार अहमद, ओम सिंह राणा, कमर पाल फौजी, डॉ. डी.सी. सक्सेना, डॉ. लता शर्मा, डॉ. ईश्वर चंद्र गंभीर, डॉ. प्रवीण शुक्ल आदि उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित दर्शकों ने ‘भारत गौरव गाथा’ की प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रप्रेम से जुड़ा प्रेरणादायी आयोजन बताया।

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