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Wednesday, August 26, 2026

पश्चिमी यूपी का पहला कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर मेरठ में बनेगा, पुलिस लाइन में हुआ भूमि पूजन



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। मेरठ के नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस लाइन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पहले कैंसर स्क्रीनिंग सेंटर का भूमि पूजन और शिलान्यास किया गया। इस सेंटर की परिकल्पना राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने की है। भूमि पूजन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 11 ईंटें रखकर नींव रखी गई। कार्यक्रम का संचालन प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अंकुर त्यागी ने किया।


सांसद निधि से बनेगा सेंटर, एम्स से जुड़ेगा
डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि यह सेंटर उनकी सांसद निधि से बनाया जा रहा है। इसके लिए भवन निर्माण हेतु 3,66,500 रुपये और चिकित्सा उपकरणों के लिए 23,04,540 रुपये की व्यवस्था की गई है। यह पश्चिमी यूपी का पहला ऐसा सेंटर होगा जहां कई तरह के कैंसर की स्क्रीनिंग होगी और इसका सीधा टेली-कंसल्टेशन एम्स झज्जर (हरियाणा) और एम्स नई दिल्ली से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सेंटर मेरठ में कैंसर उन्मूलन का आधार बनेगा।



गणमान्य रहे मौजूद
इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने कहा कि सरकारी स्तर पर यह उत्कृष्ट कार्य है, इससे हजारों गरीबों की स्क्रीनिंग हो सकेगी। मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा कि यह सेंटर पुलिस परिवारों के साथ-साथ लाखों आम लोगों के लिए कैंसर मुक्ति में सहायक होगा। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कहा कि इसका लाभ शहर ही नहीं, ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी मिलेगा। कार्यक्रम में एसएसपी बी.बी.जी.टी.एस. मूर्ति, सीएमओ डॉ. राम प्रसाद, एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. आर.सी. गुप्ता, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अशोक कुमार तालियान सहित स्वास्थ्य व पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संयोजन एसपी क्राइम अवनीश कुमार, सीओ सिविल लाइन संग्राम सिंह और आरआई हरपाल सिंह ने किया।


क्या-क्या सुविधाएं होंगी

प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अंकुर त्यागी ने बताया कि यह सेंटर केवल पुलिसकर्मियों तक सीमित नहीं रहेगा, आम जनता के लिए भी खुला रहेगा। यहां मुंह के कैंसर की ओरल जांच, स्तन कैंसर के लिए ब्रेस्ट एग्जामिनेशन और FNAC, सर्वाइकल कैंसर के लिए पैप स्मीयर, प्रोस्टेट कैंसर के लिए PSA टेस्ट के साथ-साथ जरूरत पर फेफड़े और ब्रेन ट्यूमर की स्क्रीनिंग भी होगी। गंभीर मामलों को जिला अस्पताल और एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाएगा। मरीजों के लिए आभा आईडी, ई-रेफरल और ओपीडी पंजीकरण जैसी डिजिटल सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। 

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