सुबह से हंसदास मठ पर श्रद्धालुओं का लगा तांता, शाम को जानापाव में उमड़ा आस्था का सैलाब
नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। सामाजिक समरसता, जल संरक्षण, पर्यावरण रक्षा और सनातन संस्कृति के संवर्धन का संदेश लेकर विश्व ब्राह्मण समाज संघ के तत्वावधान में आयोजित शिव-परशुराम कार कावड़ यात्रा रविवार सुबह हंसदास मठ से श्रद्धा और उत्साह के साथ रवाना होकर शाम को भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव पहुंची। यात्रा में सर्व समाज के हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। 200 से अधिक कारों, 10 बड़े वाहनों और करीब 100 दोपहिया वाहनों के काफिले ने शहर में भक्ति, आस्था और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
सुबह करीब 7 बजे हंसदास मठ से शुरू हुई यात्रा के दौरान शहर के प्रमुख मार्ग भगवान शिव, भगवान परशुराम और देवी अहिल्या के जयघोष से गूंजते रहे। करीब दो किलोमीटर लंबा कारों का काफिला लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। घोड़े, डीजे, बैंड और भगवान शिव एवं भगवान परशुराम की आकर्षक प्रतिकृतियां यात्रा की भव्यता बढ़ा रही थीं। करीब 50 किलोमीटर का सफर तय कर यात्रा शाम लगभग 6 बजे जानापाव पहुंची।
चंबल-क्षिप्रा-नर्मदा के जल से हुआ अभिषेक...
शिव-परशुराम कार कावड़ यात्रा के संयोजक, विश्व ब्राह्मण समाज संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त पंडित श्री योगेंद्र महंत ने बताया कि यात्रा में चंबल, क्षिप्रा और नर्मदा सहित प्रमुख नदियों का पवित्र जल अलग-अलग दलों द्वारा एकत्रित कर जानापाव लाया गया। जानापाव पहुंचने के बाद इसी पवित्र जल से भगवान शिव के प्राचीन शिवलिंग और भगवान परशुराम का विधि-विधान से पूजन-अभिषेक किया गया। इसके बाद महाआरती और प्रसादी वितरण हुआ। श्रद्धालुओं ने जल की एक-एक बूंद बचाने, नदियों को स्वच्छ रखने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
शहर के प्रमुख मार्गों से निकला काफिला..
हंसदास मठ से रवाना हुई यात्रा बड़ा गणपति, राजवाड़ा, गांधी प्रतिमा, नेहरू प्रतिमा, आंबेडकर प्रतिमा, जीपीओ, छावनी, अग्रसेन प्रतिमा, टॉवर चौराहा, चोइथराम अस्पताल, राजेंद्र नगर, राऊ और महू होते हुए जानापाव पहुंची। करीब दो किलोमीटर लंबे कार काफिले के कारण कई स्थानों पर लोगों की भीड़ यात्रा देखने के लिए जमा रही। हंसदास मठ से राजवाड़ा तक यात्रा का एक सिरा पहुंचने के दौरान पीछे वाहनों की लंबी कतार दिखाई देती रही। शहर के करीब 20 किलोमीटर के हिस्से को पार करने में लगभग पांच घंटे का समय लगा।
सर्व समाज को जोड़ना उद्देश्य...
यात्रा संयोजक पंडित श्री योगेंद्र महंत ने कहा कि शिव-परशुराम कार कावड़ यात्रा का उद्देश्य किसी एक समाज तक सीमित नहीं, बल्कि सर्व समाज को एक सूत्र में जोड़ना है। धार्मिक आस्था के साथ जल संरक्षण, पर्यावरण रक्षा और सामाजिक समरसता का संदेश यात्रा के माध्यम से दिया गया। उन्होंने कहा कि नदियां हमारी आस्था और जीवन दोनों का आधार हैं। इसलिए जल और नदी संरक्षण को धार्मिक भावना से जोड़कर जन-जागरण का प्रयास किया गया।
50 से अधिक स्वागत मंचों से हुआ अभिनंदन..
हंसदास मठ से जानापाव तक 50 से अधिक स्वागत मंचों से यात्रा का स्वागत किया गया। विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों ने श्रद्धालुओं का माल्यार्पण और पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया। कई स्थानों पर केले, फलाहार, दूध और जल का वितरण किया गया। राजवाड़ा पर देवी अहिल्या की प्रतिमा, रीगल पर महात्मा गांधी की प्रतिमा, गीता भवन क्षेत्र में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा और अग्रसेन प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजन किया गया।
जगह-जगह माल्यार्पण और पूजन
यात्रा का शुभारंभ हंसदास मठ में वैदिक मंत्रोच्चार और पूजन-अभिषेक के साथ हुआ। इसके बाद बड़ा गणपति पहुंचकर भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया गया। राजवाड़ा पर देवी अहिल्या की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। रीगल पर महात्मा गांधी की प्रतिमा, गीता भवन क्षेत्र में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा और अग्रसेन प्रतिमा सहित विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण व पूजन किया गया।
घोड़े, डीजे और बैंड रहे आकर्षण का केंद्र
यात्रा में घोड़े, डीजे और बैंड के साथ भगवान शिव और भगवान परशुराम की आकर्षक प्रतिकृतियां शामिल रहीं। भक्ति गीतों और जयघोष के बीच श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहे। शहरवासियों ने जगह-जगह खड़े होकर यात्रा का स्वागत किया।
इनकी रही विशेष सहभागिता
यात्रा संयोजक पंडित श्री योगेंद्र महंत, आचार्य श्री रामचन्द्र शर्मा वैदिक, श्री विजय बोड़खा, महामंडलेश्वर श्री पवन दास शर्मा, महंत श्री यज्ञत्रदास महाराज, श्रीमती सावित्री अग्रावत, श्रीमती अर्पणा जोशी, श्रीमती डिंपल शर्मा, श्रीमती छाया दुबे, श्री गोपाल कृष्ण शर्मा, श्री कृष्णा वैरागी, श्री गोविन्द शर्मा, श्री सीताराम व्यास, श्री दिनेश शर्मा, श्री जयदीप जैन, श्री भूरालाल व्यास, श्री कोमल दीक्षित, श्री कमलेश्वर सिंह सिसोदिया, श्री अनंत महंत, श्री सुरेश पाठक, श्री पुष्प कुमार भार्गव, श्री हेमेंद्र भार्गव, श्री मनोज तिवारी, श्री लक्ष्मीनारायण भार्गव, श्री प्रकाश मानावत, श्री विनीत त्रिवेदी, श्री ललित पारिख, श्री दीपक पाठक, श्रीमती प्रमिला शर्मा, श्रीमती रंजना वैष्णव, श्रीमती चंदा तिवारी, पंडित श्री अशोक चतुर्वेदी सहित अनेक श्रद्धालुओं की विशेष सहभागिता रही।
जानापाव में अभिषेक, महाआरती और प्रसादी वितरण के साथ यात्रा का आयोजन संपन्न हुआ।
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