नित्य संदेश ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली–मेरठ नमो भारत रैपिड रेल सिस्टम को सकारात्मक सुशासन का एक “बहुत अच्छा उदाहरण” बताया। उन्होंने परियोजना को समय पर पूरा करने और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवा प्रदान करने के लिए इसकी सराहना की।
सकारात्मक सुशासन की गुणवत्ता के एक महत्वपूर्ण मानक के रूप में समय के महत्व पर बात करते हुए माननीय प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली–मेरठ नमो भारत रैपिड रेल सिस्टम इसका एक बहुत अच्छा उदाहरण है। उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर पर ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जो एक समय देश में अकल्पनीय था।
प्रधानमंत्री ने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “जो परियोजना शुरू हो, उसे समय पर पूरा किया जाना चाहिए। और लोगों को मिलने वाली सेवा भी समय की कसौटी पर खरी उतरनी चाहिए।” नमो भारत ट्रेनों ने व्यस्ततम समय, भीषण गर्मी, मानसून और कांवड़ यात्रा तथा दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान भी लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है।
इस कॉरिडोर पर परिचालन की शुरुआत 21 अक्टूबर 2023 को साहिबाबाद से दुहाई डिपो के बीच 17 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी सेक्शन के उद्घाटन के साथ हुई थी। इसके बाद अलग-अलग चरणों में कॉरिडोर पर सेवा का विस्तार किया गया तथा 22 फरवरी 2026 को माननीय प्रधानमंत्री ने मेरठ मेट्रो के साथ पूरे दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया। तब से नमो भारत में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और औसतन करीब 1 लाख यात्री प्रतिदिन नमो भारत सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। यह माइलस्टोन लोगों के यात्रा करने के तरीके में आए महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है, जहां यात्री तेज, भरोसेमंद और समयबद्ध सार्वजनिक परिवहन के रूप में नमो भारत को तेज़ी से अपना रहे हैं।
3 अगस्त 2026 को दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर 1.50 लाख से अधिक यात्रियों के साथ अब तक की सबसे अधिक दैनिक यात्री संख्या दर्ज की गई। इससे पहले 8 जून 2026 को करीब 1,25,500 यात्रियों के साथ सर्वाधिक दैनिक यात्री संख्या दर्ज की गई थी।
दिल्ली में सराय काले खां, न्यू अशोक नगर और आनंद विहार तथा उत्तर प्रदेश में गाज़ियाबाद और बेगमपुल कॉरिडोर के सबसे व्यस्त स्टेशनों की सूची में बने हुए हैं। ये स्टेशन मेट्रो, भारतीय रेलवे, आईएसबीटी और सिटी बस सेवाओं जैसे कई तरह के सार्वजनिक परिवहनों के साथ निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। ये स्टेशन सम्मिलित रूप से कॉरिडोर पर यात्रियों की कुल संख्या में 40 प्रतिशत से अधिक का योगदान दे रहे हैं।
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