नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ की भक्ति से सराबोर कांवड़ यात्रा के बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने गुरुवार को पूरे मेरठ के विभिन्न कांवड़ सेवा शिविरों का व्यापक दौरा कर शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा एवं सम्मान में सहभागिता की।
उन्होंने अनेक शिविरों में पहुँचकर कांवड़ियों का पुष्पवर्षा, अंगवस्त्र और “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ स्वागत किया। इसी क्रम में वेदव्यासपुरी स्थित शुभ भारती पुलिस चौकी के सामने आयोजित चतुर्थ विशाल कांवड़ सेवा शिविर का मुख्य अतिथि के रूप में उद्घाटन किया। शिविर का आयोजन राजू शर्मा, पवन शर्मा, सुधीर चौहान, मोनू कुमार, अनिल यादव एवं सागर राज के संयुक्त नेतृत्व में किया गया, जहाँ हजारों शिवभक्तों के लिए भोजन, जलपान, चिकित्सा, विश्राम एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई।
उद्घाटन के उपरांत आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, सेवा, अनुशासन और सामाजिक समरसता का विराट जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार और गंगोत्री से पवित्र गंगाजल लेकर लाखों शिवभक्त भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने निकलते हैं और यह परंपरा भारत की सांस्कृतिक आत्मा का जीवंत स्वरूप है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव, श्रीराम और श्रीकृष्ण की परंपरा ही भारत की सनातन चेतना की आधारशिला है और यही विरासत देश को एक सूत्र में बाँधती है।
विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी सांस्कृतिक पहचान और सनातन परंपराओं पर गर्व करना सीखा है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को सुरक्षा, सम्मान और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का नया स्वरूप मिला है। उन्होंने कहा कि आज शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा होती है, सेवा शिविरों में उनका सम्मानपूर्वक स्वागत होता है और प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
उन्होंने कहा कि उनके मत में पहले कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं के सम्मान को लेकर अनेक शिकायतें सामने आती थीं, जबकि आज का वातावरण आस्था, सेवा और सुशासन का संदेश देता है। उन्होंने इसे सनातन परंपराओं के प्रति बदले हुए दृष्टिकोण का प्रतीक बताया।
विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि कांवड़ियों की सेवा करना भगवान भोलेनाथ की सेवा है और यही भारतीय संस्कृति का मूल संस्कार है। उन्होंने कहा कि जब समाज भगवान शिव की भक्ति, श्रीराम के आदर्श और श्रीकृष्ण के धर्म संदेश को जीवन में उतारता है, तब राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना और अधिक सशक्त होती है। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और सेवा शिविर संचालकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि श्रावण मास का यह महापर्व सनातन संस्कृति की अखंड चेतना, सामाजिक एकता और राष्ट्रगौरव का उत्सव है।
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